Nisha Bangre : जिस कलेक्ट्रेट में थीं डिप्टी कलेक्टर वहीं घरने पर बैठीं निशा बांगरे

Betul News : बैतूल। बैतूल के कलेक्ट्रेट में सोमवार को अजब नजारा देखने को मिला। कुछ वर्ष पूर्व जहां पर डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं थीं उसी परिसर में छतरपुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को अपना इस्तीफा स्वीकार करने की मांग को लेकर धरने पर बैठना पड़ गया।उन्हाेंने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ नगर के प्रमुख मार्ग से रैली निकाली और प्रशासन को इस्तीफा स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने कुछ दिन पूर्व ही प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि अगर इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो आमरण अनशन करेंगी। इस पत्र का कोई जवाब नहीं आने पर उन्होंने सोमवार को बैतूल में स्टेडियम से समर्थकों के साथ रैली निकाली और कलेक्ट्रेट में जाकर विरोध प्रदर्शन किया।
कलेक्ट्रेट में अपने पति और बच्चे के साथ बैठकर धरना प्रदर्शन किया। उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इसी कलेक्ट्रेट में नौकरी के दौरान महिलाओं, गरीबों और आदिवासियों को न्याय दिलाया। कई बार ऐसा मौका आया कि गरीब महिलाओं को उनकी मजदूरी नहीं मिलती थी तो उनके साथ जमीन पर बैठकर उन्हें न्याय दिलाया। आज खुद न्याय पाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने की स्थिति पैदा हो रही है। जब नौकरी में रहकर हम किसी को न्याय नहीं दिला पाते हैं तो मैंने तय किया कि लोगों को न्याय दिलाने के लिए चुनाव लडूंगी, लेकिन सरकार मुझे चुनाव लडऩे से रोक रही है। सरकार मेरे संवैधानिक अधिकारों से रोक रही है।

एक तरफ महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है दूसरी तरफ एससी वर्ग की पढ़ी लिखी महिला को न्याय नहीं मिल रहा है। मैंने चुनाव लडऩे का मन बना लिया है और इसको लेकर सरकार को पत्र भी लिखा है कि मैं चुनाव लडऩा चाहती हूं और मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाए। इसके बावजूद मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हो रहा है। इसके लिए मैंने हाईकोर्ट की शरण भी ली लेकिन सरकार ने कोर्ट को भी गुमराह करने की कोशिश की। मुझे चुनाव लडऩे से कोई नहीं रोक सकता।

डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम अपर जयप्रकाश सैय्याम को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि इस्तीफा स्वीकार नहीं होता है तो वे 28 सितंबर से आंदोलन प्रारंभ करेंगी। बांगरे के समर्थन में पारंपरिक सामाजिक जनजाग्रति सेवा समिति, सूर्यवंशी क्षत्रिय भोयर कुंबी समाज आमला, महार समाज विकास परिषद जिला बैतूल, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित अन्य कई संगठनों ने भी ज्ञापन सौंपकर सरकार से आग्रह किया है कि बांगरे का इस्तीफा मंजूर किया जाए।




