खोखला विकास: बैलगाड़ी में शव रखकर पोस्टमार्टम कराने ले गए परिजन

आमला विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की नाकामी हुई उजागर

Betul News: बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता की एक तस्वीर सामने आने से उजागर हो गई है। तथाकथित विकास का दावा करने वाले नेता और प्रशासनिक अफसरों की नाकामी के कारण शव को पोस्टमार्टम के लिए बैलगाड़ी में रखकर ले जाना पड़ा।
जिसने भी इस दृश्य को देखा वह स्तब्ध रह गया। पंचायत से लेकर जनपद तक तमाम व्यवस्था होने के बाद भी परिवार के लोग शव को पोस्टमार्टम कराने अस्पताल ले जाने और वहां से वापस घर तक लाने के लिए कोई वाहन नही मिलने से बैलगाड़ी में रखकर ले गए।
आमला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत तोरणवाड़ा के टप्पाढाना में संतोष पिता कामजी उइके की रविवार को जलाशय में डूबने से मौत हो गई। सोमवार को पुलिस और गोताखोरों की मदद से जलाशय से शव को बाहर निकाला गया। जलाशय से शव बाहर निकालने के बाद गांव से चार किमी की दूरी पर आमला के अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को ले जाने वाहन नही मिल पाया।
मृतक के ससुर बल्लू धुर्वे ने बैलगाड़ी में  शव रखा और आमला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया। पोस्टमार्टम के बाद भी वाहन की व्यवस्था ना होने से वापस बैलगाड़ी  शव रखकर गांव ले जाया गया। ग्राम पंचायत के  सचिव  का कहना है कि  रास्ता खराब होने के कारण सरपंच से ट्रैक्टर से शव को अस्पताल भेजने के लिए कहा था। सरपंच को ट्रैक्टर की व्यवस्था क्यों नही की यह पता नही है।
 अस्पताल के बीसीएम सुभाष चंद्र गुजरकर का कहना है कि अस्पताल में शव वाहन नही है। आमला पुलिस ने भी वाहन की व्यवस्था ना होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
आज तक नही बनी दो किमी की पक्की सड़क:
ग्राम पंचायत तोरणवाड़ा से टप्पा ढाना गांव की दूरी करीब दो किमी है लेकिन आज तक पक्की सड़क नही बनाई जा सकी है। वर्षाकाल में  दलदल में तब्दील होने वाली सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाती है।

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