सागौन तस्करी: पूर्णा डेम के किनारे बेशरम की झाड़ियों में छुपा कर रखी थी 30 चरपट
दक्षिण वन मंडल की सर्चिंग टीम की सक्रियता से नाकाम हुए तस्करों के मंसूबे

Betul Samachar Today: बैतूल। दक्षिण वन मंडल की सक्रियता से सागौन तस्करों के मंसूबों पर लगातार पानी फिर रहा है। एक के बाद एक की जा रही कार्यवाही के चलते तस्करों में हड़कंप मच गया है।
दक्षिण वन मंडल द्वारा डीएफओ विजयानन्थम टी. आर. के मार्गदर्शन में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने अपना मुखबिर तंत्र भी मजबूत कर लिया है, जो वन एवं वन अपराधों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
दक्षिण वन मंडल की सक्रियता का सफल परिणाम एक बार फिर सामने आया है। 20 जून मंगलवार को मुखबिर की सूचना के आधार पर दक्षिण वन मंडल की सर्चिंग टीम ने 30 नग सागौन की अवैध चरपट बरामद करने में सफलता हासिल की है। तस्करों द्वारा बड़ी ही चालाकी से चरपट को झाड़ियों में छिपा कर रखा गया था।
बेशरम की झाड़ियों में छुपा कर रखी थी चरपट
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी दक्षिण (सा.) बैतूल विजयानन्थम टी. आर. (भा.व.से.) के मार्गदर्शन में एवं परिक्षेत्र अधिकारी, आठनेर (सा.) नितिन पवांर के निर्देशन में अधिनस्थ स्टाफ, वन चौकी हिरादेही के स्टाफ को मौके पर भेजकर परिक्षेत्र आठनेर के अन्तर्गत बीट बेलकुण्ड के ग्राम सोनोरा में पूर्णा डेम के किनारे स्थित झाड़ियों में सर्चिंग किया गया।

सर्चिंग के दौरान बेशरम की झाड़ियों की आड़ में छिपाकर रखी सागौन चरपट 10-10 की संख्या में तीन अलग-अलग जगहो पर कचरे से ढंककर रखी 30 नग सागौन चरपट = 0.730 घ.मी. जप्त की गई। जिसका अनुमानित मूल्य 34 हजार आंका गया ।
इन वन कर्मियों की सक्रियता से मिली सफलता
जानकारी के अनुसार मौके पर जप्त सागौन चरपटों के बारे में आस-पास के किसानों एवं ग्रामीणों से अज्ञात आरोपी के संबंध में पूछताछ एवं तलाश की जा रही है। इसके पश्चात् जप्त सागौन चरपटों को शासकीय वाहन में रखकर हिरादेही वन चौकी लाया गया। जिसका वन अपराध प्रकरण क्रमांक 948 / 60 दिनांक 20/06/2023 पंजीबद्ध किया गया।
वन अपराध अधिनियम 1927 की धारा 26 ( 1 ) एवं मध्यप्रदेश वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही में वनरक्षक रविश कंगाले, दिलीप नारे, वनरक्षक केलबेहरा, बीटगार्ड हिरादेही, सुरक्षा श्रमिक बिसन वाड़िवा, नौकीलाल इवने एवं वाहन चालक नूरमोहम्मद मौजूद रहे।




