Big Action : शाहपुर BMO की वेतनवृद्धि रोकी, ANM , CHO, BPM एवं BCM का वेतन काटा

मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा में सामने आई लापरवाही

Today Betul News : बैतूल। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों के आंकड़े छिपाने के मामले में कलेक्टर के द्वारा पूर्व में कड़ी कार्रवाई की गई थी। गुरुवार को जब सीएमएचओ ने मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा की तो उन्हें भी गड़बड़ी मिली। इस पर उनके द्वारा अमले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की ।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. सुरेश बौद्ध ने गुरूवार को 10 विकासखंडों एवं जिला अस्पताल से संबंधित मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण के स्पष्ट आंकड़े प्रस्तुत किये जायें। किसी भी प्रकार की लापरवाही के संबंध में मैदानी कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। गर्भवती मां की मौत एक कलंक के समान है, मां एवं शिशु की जान बचाना आवश्यक है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुलताई के खंड चिकित्सा अधिकारी, बीसीएम एवं बीपीएम का आधा दिवस का वेतन बैठक में देरी से आने के कारण काटे जाने के निर्देश दिये। बीसीएम आठनेर की बैठक में अनुपस्थिति पर सात दिवस का वेतन काटे जाने के निर्देश दिये।


विकासखंड शाहपुर के ग्राम बाटकाढ़ाना बंजारी ढाल के प्रकरण में लापरवाही पाये जाने पर एएनएम, सीएचओ, बीपीएम एवं बीसीएम का सात दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिये एवं बीएमओ शाहपुर की वेतनवृद्धि रोकने हेतु निर्देशित किया। विकासखंड शाहपुर की एलएचव्ही एवं सुपरवाईजर पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। ग्राम जोडिय़ामहू कछार विकासखंड शाहपुर के प्रकरण में लापरवाही पाये जाने पर सीएचओ, एएनएम एवं सुपरवाईजर पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। ग्राम बोरी विकासखंड सेहरा के प्रकरण में एएनएम एवं सीएचओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये।

शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा में निर्देशित किया गया कि समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी शिशु मृत्यु प्रकरणों की साफ्टवेयर में एन्ट्री करना सुनिश्चित करें। विकासखंड आठनेर, भैंसदेही एवं शाहपुर को निर्देश दिये गये कि तत्काल छूटे हुये प्रकरणों की एन्ट्री करें। शहरी क्षेत्र बैतूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेहरा एवं जिला चिकित्सालय बैतूल में मृत जन्मे बच्चों की सम्पूर्ण जानकारी अलग-अलग संधारित करने के निर्देश दिये। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के प्रकरणों में आंकड़ों में हेरफेर होने पर बीएमओ, बीसीएम एवं बीपीएम के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाऐं प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया। झाडफ़ूक से दूर रहकर विधिवत स्वास्थ्य संस्थाओं में इलाज कराने को प्रेरित करने हेतु स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया। गंभीर नवजात शिशुओं का संस्थागत रैफर समय पर हो एवं जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू, पीआईसीयू में टेलीफोनिक सूचित करने हेतु निर्देशित किया।

उन्हाेंने कहा कि मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा में जिला एवं विकासखंड स्तर पर रैफर मरीजों का रिकार्ड संधारण किया जाए। गंभीर प्रकरणों वाली गर्भवती माताओं के सीजर के संबंध में निर्णय लिये जाने हेतु जिला स्तर पर कमेटी गठन करने हेतु निर्देशित किया। डॉ बौद्ध ने निर्देशित किया कि समस्त सीएचओ अपने मुख्यालय पर निवास करें एवं निर्धारित स्वास्थ्य सेवाऐं समय पर प्रदान करें। सीएचओ की मॉनिटरिंग बीएमओ, बीपीएम एवं बीसीएम द्वारा किये जाने के निर्देश दिये।

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