आज भोपाल कूच करेंगे जिले के कृषि विस्तार अधिकारी
ई-अटेंडेंस और वेतन विसंगतियों के खिलाफ प्रदेशभर के अधिकारी होंगे एकजुट

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
बैतूल। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, ग्रेड-पे में बढ़ोतरी और अतिरिक्त केंद्र भत्ते को 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कृषि विस्तार अधिकारी आज शुक्रवार 21 अगस्त को भोपाल में बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारी भोपाल पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज बुलंद करेंगे। बैतूल जिले से भी कृषि विस्तार अधिकारी आंदोलन में शामिल होने के लिए भोपाल रवाना हुए हैं।
मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का यह अगला चरण होगा। जिले में पिछले दिनों से चल रहे कलमबंद आंदोलन के बाद अब अधिकारी प्रदेश स्तर पर अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे किसानों के बीच मैदानी स्तर पर काम करते हैं, लेकिन ई-अटेंडेंस व्यवस्था में मुख्यालय से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता उनकी कार्यप्रणाली के अनुरूप नहीं है।
संघ का कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों की जिम्मेदारी कई गांवों और कृषि केंद्रों तक फैली हुई है। खाद-बीज वितरण, फसल सर्वे, कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन सहित कई कार्यों के लिए उन्हें लगातार फील्ड में रहना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और अन्य सुविधाओं की समस्या के चलते ई-अटेंडेंस में व्यावहारिक दिक्कतें भी सामने आ रही हैं।
अधिकारियों की मुख्य मांगों में ग्रेड-पे 2400 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए करना तथा अतिरिक्त केंद्र का प्रभार संभालने वाले अधिकारियों को मिलने वाले 500 रुपए मासिक भत्ते को बढ़ाकर 5 हजार रुपए करना शामिल है। संघ का तर्क है कि अतिरिक्त केंद्र और दर्जनों गांवों की जिम्मेदारी के मुकाबले वर्तमान भत्ता बेहद कम है।
जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल में प्रदेशभर के अधिकारी एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ई-अटेंडेंस व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों का सकारात्मक निराकरण नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखने की रणनीति बनाई जाएगी।




