500 रुपए का भत्ता नहीं मंजूर, 5 हजार की मांग पर अड़े कृषि विस्तार अधिकारी

21 अगस्त को भोपाल में प्रदेशभर के अधिकारियों का जमावड़ा

बैतूल। खेत में किसान के साथ खड़े रहने वाला अधिकारी अब कंप्यूटर स्क्रीन पर हाजिरी लगाने के सवाल पर सरकार के सामने खड़ा है। ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, वेतन विसंगति और अतिरिक्त केंद्र भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कृषि विस्तार अधिकारियों का कलमबंद आंदोलन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। जिले के सभी विकासखंडों में अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार किया, वहीं जिला मुख्यालय स्थित उपसंचालक कृषि कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक धरना दिया गया। अब आंदोलन जिला मुख्यालय से निकलकर 21 अगस्त को भोपाल पहुंचेगा, जहां प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारी एकजुट होकर बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे।

मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में अधिकारियों का कहना है कि उनका अधिकांश काम खेतों और गांवों में किसानों के बीच होता है। ऐसे में मुख्यालय से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता मैदानी कार्यप्रणाली के अनुरूप नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क, कार्यालय, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्यावहारिक दिक्कतें भी सामने आ रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक उन्हें कई केंद्रों और दर्जनों गांवों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर खाद-बीज वितरण, फसल संबंधी कार्य, खरीदी व्यवस्था और सर्वे सहित अन्य विभागीय दायित्व भी उनके जिम्मे हैं। किसानों की जरूरत के अनुसार कई बार सुबह से शाम तक फील्ड में रहना पड़ता है। ऐसे में मुख्यालय पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना उनके लिए व्यावहारिक नहीं है। संघ ने महिला अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को भी आंदोलन में प्रमुख मुद्दा बनाया है।

मामला सिर्फ ई-अटेंडेंस तक सीमित नहीं है। कृषि विस्तार अधिकारियों ने अपने ग्रेड-पे और अतिरिक्त केंद्र भत्ते में भी बढ़ोतरी की मांग उठाई है। संघ की प्रमुख मांग है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का ग्रेड-पे 2400 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए किया जाए। वहीं अतिरिक्त केंद्र का प्रभार संभालने वाले अधिकारियों को मिलने वाले 500 रुपए प्रतिमाह भत्ते को बढ़ाकर 5000 रुपए करने की मांग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त केंद्रों और दर्जनों गांवों की जिम्मेदारी के अनुपात में वर्तमान भत्ता बेहद कम है।

जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि संगठन तकनीक का विरोध नहीं करता, लेकिन मैदानी कार्य की परिस्थितियों को देखते हुए ई-अटेंडेंस व्यवस्था में संशोधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि मांगों का सकारात्मक निराकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button