30 हजार न्यूनतम वेतन समेत 11 मांगों को लेकर सड़कों पर उतरा भारतीय मजदूर संघ
धरना, प्रदर्शन और रैली निकालकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

5-डे बैंकिंग, ईपीएस पेंशन बढ़ाने और समान काम-समान वेतन की उठाई मांग
बैतूल। श्रमिकों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सोमवार को देशव्यापी आंदोलन के तहत बैतूल में धरना-प्रदर्शन और रैली निकाली। टिकारी स्थित एमपीईबी कॉलोनी कार्यालय से शुरू हुई रैली के बाद संगठन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
जिला मंत्री पंजाबराव गायकवाड़ ने बताया कि संघ ने श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए और ईपीएफ की अनिवार्य वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग की है। ईपीएस पेंशन न्यूनतम 7,500 रुपए करने, उसे वीडीए से जोड़ने और सभी के लिए चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग भी रखी गई।
संघ ने बोनस गणना की सीमा 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए और बोनस पात्रता की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए करने की मांग की। आंगनवाड़ी, आशा, एनएचएम और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि, ठेका व आकस्मिक श्रमिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन तथा ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपए करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। बैंकों में 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और श्रमिक हित में लेबर कोड में संशोधन की मांग भी की गई।
आंदोलन में भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख विनय डोंगरे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश मंसूरिया, जिला अध्यक्ष संपत दरवाई, सहमंत्री गोविंद साहू, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सचिन राय, बिजली कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष चंद्रभान पंडाग्रे, कोयला खदान मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष प्रमोद सिंह सहित विभिन्न संबद्ध संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। संबंधित संगठनों ने भी अपनी-अपनी मांगों के ज्ञापन कलेक्टर को सौंपे।




