गुरु पूर्णिमा पर श्री विनायकम स्कूल में विद्यार्थियों ने दीं भावपूर्ण प्रस्तुतियां 25 गौरवशाली वर्षों की शैक्षणिक यात्रा के बीच निबंध, ग्रीटिंग कार्ड और सांस्कृतिक गतिविधियों से गुरु-शिष्य परंपरा को किया जीवंत
डायरेक्टर संजय राठौर बोले- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण हमारी प्राथमिकता

बैतूल। शिक्षा के क्षेत्र में 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर रहे श्री विनायकम स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, संस्कृति और सृजनशीलता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस दौरान विद्यालय परिसर गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।
विद्यालय प्राचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को गुरु के महत्व तथा शिक्षा और जीवन निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराया। वहीं स्कूल के डायरेक्टर संजय राठौर ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल शिक्षा देने के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री विनायकम स्कूल पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और नवाचार आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, मंत्रोच्चार और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु के त्याग, मार्गदर्शन और जीवन निर्माण में उनकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित शिक्षक और विद्यार्थी भावविभोर हो गए।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए- शिक्षकों का ज्ञान एवं जीवन में शिक्षकों का महत्व- विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए ग्रीटिंग कार्ड, धन्यवाद पत्र और प्रेरणादायी अनुच्छेद तैयार किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने सभी का मन मोह लिया।





