बैतूल राजस्व निरीक्षक संघ की नई कार्यकारिणी का गठन, सुनील कुमार वसुले बने निर्विरोध जिलाध्यक्ष
राजस्व निरीक्षकों ने समस्याओं को लेकर डिप्टी कलेक्टर को सौंपा 9 सूत्रीय मांग पत्र

बैतूल। जिले में राजस्व कार्यों को नई गति देने और अपनी जायज मांगों को लेकर राजस्व निरीक्षक संघ, बैतूल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 17 जुलाई को नायब तहसीलदार बन चुके पूर्व राजस्व निरीक्षकों के मार्गदर्शन में संघ की नवीन कार्यकारिणी का निर्विरोध गठन किया गया। इस प्रक्रिया में अशोक राठौर, राजकुमार मालवीय, सी.पी. पाल, ब्रजलाल वाडिवा, सुखराम सिरसाम, राजेश धाडसे, मोहन धुर्वे और मोहम्मद अजहर खान के निर्देशन में सर्वसम्मति से नई टीम चुनी गई।
नवीन कार्यकारिणी में मुलताई तहसील के सुनील कुमार वसुले को जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला उपाध्यक्ष के रूप में बैतूल नगर के धनराज झल्लारे को चुना गया है, जबकि चिचोली तहसील के राहुल इवने को सचिव पद का दायित्व दिया गया है। अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में दिनेश कुमरे को सह-सचिव, आमला तहसील के नंदकिशोर उड़के को कोषाध्यक्ष और भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय बैतूल की पूनम इड़के को सूचना मंत्री बनाया गया है। संगठन के विस्तार के साथ श्रीमती मालती मसकोले (शाहपुर) को प्रचार मंत्री, दीपक बरोदे (भैंसदेही) को संगठन मंत्री, श्रीमती सुषमा पराड़कर (बैतूल) को प्रवक्ता और चिचोली तहसील के राजू लोखंडे को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया है।
– कलेक्टर को 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
पदभार ग्रहण करने के साथ ही संघ ने जिले के राजस्व निरीक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु प्रभारी अधिकारी भू-संसाधन प्रबंधन बैतूल सुश्री अनीता पटेल डिप्टी कलेक्टर बैतूल को एक विस्तृत 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। संघ ने प्रमुखता से मांग की है कि राजस्व निरीक्षक परीक्षा उत्तीर्ण एवं वरिष्ठ पटवारियों को एसडीएम एवं तहसीलदार की अनुमति से राजस्व निरीक्षक मंडल का प्रभार देकर पटवारी हल्के के कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जाए तथा राजस्व निरीक्षक का प्रभार मिलने पर उन्हें किसी भी पटवारी हल्के का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। आयुक्त महोदय भू-संसाधन प्रबंधन ग्वालियर से राजस्व निरीक्षक पद के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन किया जाए।
राजस्व निरीक्षकों को भी न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम 1985 के अंतर्गत सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, वर्षा काल में सांप और जहरीले जंतुओं के खतरे को देखते हुए 15 जून के बाद सीमांकन और बेदखली के आदेश जारी न करने का आग्रह किया गया है। संघ का कहना है कि कब्जा दिलाने या अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाइयों के दौरान स्पष्ट पुलिस बल उपलब्ध कराया जाना चाहिए और विवाद की स्थिति में गैर-न्यायिक नायब तहसीलदार की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
– रोवर मशीन का सीमित उपयोग हो
राजस्व निरीक्षक संघ ने तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों पर भी बल दिया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि रोवर मशीन का सीमित उपयोग हो और इसके संचालन का कार्य प्रशिक्षित पटवारियों से कराया जाए। साथ ही, वर्ष 1980 में बनाए गए वनग्रामों के नक्शों की विसंगतियों को दूर करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से नए नक्शे तैयार कराने और रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से तत्काल भरने की मांग की गई है। संघ ने राजस्व निरीक्षकों की गोपनीय चरित्रावली (एसीआर) को समय पर आगे बढ़ाने की भी अपील की है ताकि पदोन्नति में बाधा न आए। डिजिटल सुविधाओं को लेकर एमपी किसान ऐप में डायवर्सन टैक्स, यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी पेमेंट सुविधाएं जोड़ने का भी सुझाव दिया गया है।




