जर्जर सड़क के खिलाफ कांग्रेस ने कोथलकुंड टोल प्लाजा पर किया प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

– भैंसदेही से गणेश राय बंगाली
बैतूल। खेड़ी–परतवाड़ा मार्ग की बदहाल स्थिति, लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और टोल कंपनी पर रखरखाव में लापरवाही के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को ग्राम कोथलकुंड स्थित टोल प्लाजा पर भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सड़क की तत्काल मरम्मत, कथित अवैध टोल वसूली पर रोक तथा दुर्घटनाओं की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर अगस्त माह में बड़ा आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर टोल प्लाजा बंद कराया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता कादर शाह ने कहा कि खेड़ी–परतवाड़ा मार्ग मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उनका आरोप था कि सड़क निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही टोल प्लाजा कंपनी ने वर्षों से मार्ग का समुचित मेंटेनेंस नहीं किया, जबकि टोल की वसूली लगातार जारी है।
– आदिवासी क्षेत्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पार्टी टोल प्लाजा बंद कराने तक का आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार और जनप्रतिनिधियों पर सड़क की बदहाल स्थिति की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गड्ढों के कारण विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्र के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। नेताओं ने कहा कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की नैतिक जिम्मेदारी संबंधित जनप्रतिनिधियों और शासन की है तथा आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों को सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जबकि आम लोग रोज जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो दुर्घटनाओं का सिलसिला नहीं रुकेगा और इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा।
– खेड़ी–परतवाड़ा मार्ग अत्यंत जर्जर
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम राजस्व विभाग के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि एमपीआरडीसी के अंतर्गत निर्मित खेड़ी–परतवाड़ा मार्ग वर्तमान में अत्यंत जर्जर हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। भैंसदेही आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और दुर्घटना के बाद समुचित इलाज तक कराने में असमर्थ रहते हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि टोल प्लाजा कंपनी ने वर्षों से सड़क का रखरखाव नहीं किया है, जबकि टोल वसूली लगातार जारी है। कांग्रेस का दावा है कि टोल संचालन की निर्धारित अवधि भी पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद कथित रूप से अवैध रूप से टोल वसूला जा रहा है। ज्ञापन में सड़क की तत्काल मरम्मत, रखरखाव सुनिश्चित करने तथा टोल संचालन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
– तहसीलदार ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
धरना स्थल पर तहसीलदार पहुंचे और कांग्रेस प्रतिनिधियों से चर्चा कर मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद कांग्रेस ने अपना भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अगस्त माह में कांग्रेस पूर्व विधायक धरमूसिंह सिरसाम के नेतृत्व में उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक धरमूसिंह सिरसाम, आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, कांग्रेस अध्यक्ष रानू ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष संजय मावस्कर, जिला महासचिव पिंकी तिवारी, कोथलकुंड मंडलम अध्यक्ष शुभम राठौर, गार पठार मंडलम अध्यक्ष कादर शाह, गणेश बंगाली, पप्पू थोटेकर, मोहित राठौर, सोएब विंदयानी, नरेश मोहरे, बुधराज दहीकर, अशोक राठौर सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।




