परिजन नहीं मिले तो राष्ट्रीय हिंदू सेना बनी सहारा, अज्ञात युवक का पूरे सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार

बैतूल। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक अज्ञात युवक की पहचान नहीं हो पाने पर राष्ट्रीय हिंदू सेना ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए कोतवाली पुलिस के सहयोग से उसका पूरे सम्मान और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। युवक के परिजनों का पता लगाने के लिए पुलिस ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर मां माचना मोक्षधाम, सदर में विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया।

कोतवाली पुलिस के अनुसार 30 जून की सुबह सदर ओवरब्रिज के पास करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिला था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि रात के समय किसी अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर अज्ञात वाहन के टूटे हुए पार्ट्स भी मिले थे। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और मृतक की पहचान कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन कोई परिजन सामने नहीं आया।
पुलिस के अनुसार मृतक के सिर के बाईं ओर चोट का निशान, नाक पर रगड़ के निशान, कमर पर घर्षण के निशान थे तथा उसके दाहिने हाथ पर सीताराम लिखा हुआ था। सभी प्रयास विफल रहने के बाद पुलिस की मौजूदगी में राष्ट्रीय हिंदू सेना के पदाधिकारियों ने मां माचना मोक्षधाम, सदर में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया।
जिला अस्पताल से मृत युवक के शव को स्वर्गीय विजयकुमार खंडेलवाल पूर्व सांसद की स्मृति में खंडेलवाल परिवार द्वारा निःशुल्क समर्पित शांति वाहन के माध्यम से मोक्षधाम पहुंचाया गया। राष्ट्रीय हिंदू सेना के जिला सदस्य गोलू उघड़े के सहयोग से अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान समाजसेवी गोलू उघड़े भी मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार के दौरान कोतवाली पुलिस की ओर से प्रधान आरक्षक शिव कुमार उइके एवं प्रधान आरक्षक तरुण पटेल उपस्थित रहे। वहीं राष्ट्रीय हिंदू सेना के विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे, प्रदेश संयोजक पवन मालवीय, प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय, नगर अध्यक्ष शनि साहू, नगर युवा उपाध्यक्ष दीपू उइके, वीरेंद्र पाखरे, अजय पाल, सत्यम विश्वकर्मा, लोकेश धुर्वे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। यदि किसी व्यक्ति का कोई अपना सामने न आए तो समाज का दायित्व है कि उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी जाए।
प्रदेश संयोजक पवन मालवीय ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदू सेना सदैव मानवता के कार्यों में अग्रणी रही है। संगठन ने पुलिस के सहयोग से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए मृतक का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की अंतिम यात्रा गरिमा के साथ होना उसका अधिकार है। संगठन आगे भी ऐसे मानवीय कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेता रहेगा।
नगर अध्यक्ष शनि साहू ने कहा कि परिजनों का पता नहीं चलने के बावजूद किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार बिना सम्मान के नहीं होना चाहिए। मानवता की भावना से यह कार्य किया गया।
नगर युवा उपाध्यक्ष दीपू उइके ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे अवसरों पर आगे आकर सहयोग करना चाहिए। यही सच्ची सामाजिक सेवा और मानवीय संवेदना है।
वीरेंद्र पाखरे ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदू सेना समाजहित के कार्यों को हमेशा प्राथमिकता देती है। जरूरतमंद और असहाय लोगों की सेवा संगठन का संकल्प है।
अजय पाल ने कहा कि मृतक भले ही अज्ञात था, लेकिन उसकी अंतिम विदाई पूरे सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ की गई। यह मानवता के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।




