सारनी में विवाद से बढ़ा तनाव, दर्जनों रहवासी पहुंचे एसपी कार्यालय; निष्पक्ष जांच की मांग।

झूठी शिकायतों से बढ़ रही परेशानी, मामला विधायक के संज्ञान में भी पहुंचा । वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप।

सारनी में विवाद से बढ़ा तनाव, दर्जनों रहवासी पहुंचे एसपी कार्यालय; झूठी रिपोर्ट पर कार्यवाही की मांग

 

झूठी शिकायतों से बढ़ रही परेशानी, मामला विधायक के संज्ञान में भी पहुंचा

वार्ड क्रमांक 1 के रहवासियों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

बैतूल। सारनी के वार्ड क्रमांक 1 में पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। एसपी को सौंपे गए आवेदन में कई रहवासियों ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ लगातार शिकायतें की जा रही हैं तथा कुछ मामलों में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल किए गए, जिनका कथित घटनाओं से कोई संबंध नहीं था। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि मामला स्थानीय विधायक के संज्ञान में भी लाया गया है। रहवासियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है।

एसपी को दिए गए आवेदन में उर्मिला यादव, शकुन्तला माथनकर, कांति यादव, नीतू माकोड़े, रीनू पचौरिया, ममता देशमुख, भारती यादव सहित अन्य रहवासियों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से उक्त क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से पड़ोसी नामदेव दंपति के साथ लगातार विवाद और शिकायतों का दौर चल रहा है, जिससे मोहल्ले का माहौल प्रभावित हो रहा है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न घटनाओं और विवादों के बाद कई बार पुलिस तक शिकायतें पहुंचीं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उनके विरुद्ध दर्ज किए गए मामलों और शिकायतों में तथ्यों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए, जिनका कथित घटनाओं से कोई संबंध नहीं था। इस संबंध में उन्होंने पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि विवाद के कारण क्षेत्र के कई परिवार मानसिक रूप से परेशान हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं को न्यायालय और अन्य प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदन में कुछ महिलाओं ने स्वयं को अस्वस्थ एवं तनावग्रस्त होने की बात भी कही है।

रहवासियों ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि आवेदन में लगाए गए आरोपों, पूर्व में हुई शिकायतों तथा संबंधित प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द का वातावरण बना रहे। आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो सभी पक्षों के तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

ज्ञापन देने में उर्मिला यादव, शकुन्तला माथनकर, कांति यादव, नीतू माकोड़े, रीनू पचौरिया, ममता देशमुख, भारती यादव, पप्पू यादव, मोनिका पचौरिया, बल्लू यादव, कमलेश यादव, नीतेश माथनकर, अशोक पचौरिया सहित अन्य रहवासी शामिल रहे।

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