हड़ताल के आठवें दिन सड़क पर उतरे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी, विशाल रैली निकाल कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
नियमितीकरण से लेकर वेतन विसंगति तक, कर्मचारियों ने सरकार को फिर याद दिलाए वादे।

बैतूल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रही। आंदोलन को और धार देते हुए कर्मचारियों ने विशाल रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ठोस निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत लगभग 32 हजार संविदा कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों के योगदान के आधार पर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद संविदा कर्मचारियों के हितों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनकी मांगों पर सहमति बनने के बावजूद एक वर्ष बीत जाने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में व्यापक आक्रोश व्याप्त है।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश की कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार आंदोलनरत कर्मचारियों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को टीटी नगर दशहरा मैदान में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में की गई घोषणा के अनुरूप सभी संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ दिया जाए। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग की संविदा नीति-2023 के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) एवं स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाए।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में वेतन विसंगतियों को दूर करने, शासन द्वारा निर्धारित समकक्षता पर पुनर्विचार कर संशोधित वेतन निर्धारण लागू करने, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई को समायोजित करने, अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि देने, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता और अवकाश सुविधाएं प्रदान करने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन और सुविधाएं मिलने तक सार्थक एप बंद किए जाने की मांग भी उठाई।
कर्मचारियों ने कहा कि मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण प्रदेशभर में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है और आंदोलन के चलते अनेक जनहितैषी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने शासन से समयसीमा में मांगों के निराकरण की अपील करते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र भदोरिया, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र यदुवंशी तथा प्रदेश संयोजक विजय ठक्कर ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।




