आगजनी पीड़ितों के लिए प्रदीपन संस्था ने पहुंचाया एक माह का राशन और जरूरी सामग्री।

बर्राढ़ाना के 20 प्रभावित परिवारों को मिला सहारा, राशन और वस्त्र बांटकर बांटा दर्द।

बैतूल। भीमपुर विकासखंड के आदिवासी ग्राम मोहदा के बर्राढ़ाना में आगजनी की घटना से प्रभावित 20 परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदीपन संस्था ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से एक माह का राशन, वस्त्र एवं आवश्यक सामग्री वितरित की। संस्था का मानना है कि प्राकृतिक हो या मानव सृजित, हर प्रकार की आपदा में प्रभावित लोगों की मदद करना और समाज को आपदा प्रबंधन एवं बचाव के प्रति जागरूक बनाना उसका प्रमुख उद्देश्य है।

उल्लेखनीय है कि विगत 2 मई को बर्राढ़ाना में भीषण आगजनी की घटना में 20 परिवारों के मकान जलकर खाक हो गए थे। घटना के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल सामाजिक और आर्थिक सहयोग की आवश्यकता थी। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने आर्थिक सहायता एवं हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया, वहीं गांव और आसपास के लोगों ने नमक, मिर्च, अनाज सहित अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाकर पीड़ितों के दुख को बांटने का प्रयास किया। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी रसोई सामग्री और कपड़ों की व्यवस्था कर प्रभावित परिवारों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दिया। प्रदीपन संस्था और मानव सेवा समिति ने भी तत्काल वस्त्र उपलब्ध कराए थे।

प्रदीपन संस्था की डायरेक्टर ने बताया कि आगजनी जैसी घटनाओं में परिवार अचानक बेघर और असहाय हो जाता है तथा उसे दोबारा गृहस्थी बसाने के लिए भोजन, पानी, कपड़े, दवाइयों, रसोई सामग्री, पानी संग्रहण एवं अनाज सुरक्षित रखने जैसी अनेक आवश्यक वस्तुओं की जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

इसी क्रम में 6 जून को प्राथमिक शाला मोहदा बर्राढ़ाना में राहत सामग्री का वितरण किया गया। प्रत्येक प्रभावित परिवार को 15 किलो आटा, 2 किलो दाल, 10 किलो चावल, 2 किलो खाद्य तेल, शक्कर, चायपत्ती तथा सभी प्रकार के मसाले उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही लगभग 8 क्विंटल कच्चा खड़ा अनाज भी वितरित किया गया। प्रत्येक परिवार को एक मराठी साड़ी सहित अन्य वस्त्र भी प्रदान किए गए ताकि प्रभावित किसान अपनी खेती-बाड़ी और दैनिक कार्यों को फिर से शुरू कर सकें।

संस्था ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन और समाज के सहयोग से प्रभावित परिवार जल्द ही अपने जीवन को पुनः व्यवस्थित कर सकेंगे और उनके घरों में फिर खुशियां लौटेंगी। इस अवसर पर सभी परिवारों ने भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा से बचाव के लिए सदैव जागरूक, सचेत और सावधान रहने का संकल्प भी लिया।

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