किसानों ने सीखा मिट्टी परीक्षण का सही सैंपल कैसे लें |

बैतूल। बैतूल ब्लॉक के ग्राम चिचढ़ाना में गुरुवार को दोपहर 11:00 बजे दिशा दृष्टि फाउंडेशन के तत्वावधान में किसानों को खेत की मिट्टी परीक्षण हेतु सैंपल एकत्र करने की वैज्ञानिक विधि का सजीव प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. विजय वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ।

डॉ. वर्मा ने बताया कि मिट्टी परीक्षण के लिए खेत में 9 इंच गहरा वी आकार का गड्ढा खोदें। इसके बाद गड्ढे की आमने-सामने की दीवारों से लकड़ी के औजार की मदद से मिट्टी खुरचकर निकालें। एक गड्ढे से लगभग एक से डेढ़ किलो मिट्टी एकत्र होनी चाहिए।

उन्होंने विशेष सावधानी बताई कि मिट्टी के सैंपल हमेशा खेत के उन हिस्सों से लें जहां पेड़ की छांव न हो, गोबर आदि का भंडारण न किया गया हो तथा जहां पानी थमता हो, ऐसे स्थानों को छोड़कर ही सैंपल एकत्रित किया जाए।

डॉ. वर्मा ने समझाया कि खेत के अलग-अलग हिस्सों से 5-6 गड्ढे खोदकर मिट्टी एकत्र करें। फिर पूरी मिट्टी को अच्छी तरह मिलाकर उसके चार बराबर हिस्से करें। इनमें से एक हिस्सा रखकर शेष हटा दें। यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक लगभग आधा किलो मिट्टी शेष न रह जाए। इसके बाद मिट्टी को साफ पॉलीथिन या कपड़े की थैली में भरकर उस पर कृषक का नाम, आधार नंबर, खसरा नंबर तथा खेत की पहचान अंकित करें।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में ग्राम में हुई कृषक संगोष्ठी में किसानों ने मिट्टी सैंपल लेने की विधि को प्रत्यक्ष रूप से सीखने की इच्छा जताई थी। किसानों की इसी जिज्ञासा के समाधान हेतु फाउंडेशन द्वारा यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

इस अवसर पर आकाशवाणी के कार्यक्रम किसान वाणी के प्रस्तुतकर्ता राकेश मौर्य ने किसानों का मार्गदर्शन किया एवं कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में कम्युनिटी रेडियो भारत भारती के कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश शर्मा, एफपीओ परामर्शदाता हितेश पवार, दिशा दृष्टि फाउंडेशन के डायरेक्टर विनोद परिहार, ग्राम चिचढ़ाना के श्री पाटिल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी किसानों ने शीघ्र मिट्टी परीक्षण कराने का संकल्प लिया तथा प्राकृतिक खेती अपनाने पर सहमति जताई।

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