जामठी में शुरू हुई 15 दिवसीय पेपरमेशी एवं मोल्ड मेकिंग कार्यशाला।
महिलाओं और युवाओं को सिखाई जाएगी मोल्ड मेकिंग कला।

बैतूल। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को हस्तशिल्प आधारित स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में ग्राम जामठी में 15 दिवसीय पेपरमेशी क्राफ्ट एवं मोल्ड मेकिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। ईशान जन कल्याण सोसायटी भोपाल द्वारा आयोजित तथा एमपी साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रायोजन में संचालित इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को आधुनिक हस्तशिल्प तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
– स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर श्रीमती नीलम शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पेपरमेशी कला एवं मोल्ड मेकिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
– विशेषज्ञ डिजाइनर दे रहे प्रशिक्षण
कार्यशाला में भोपाल से आए अनुभवी डिजाइनर देवेंद्र सिंह, जो विकास आयुक्त हस्तशिल्प, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के इंपैनल डिजाइनर हैं, प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण में विशेष रूप से मोल्ड बनाने की तकनीक, पेपरमेशी पल्प तैयार करना, विभिन्न उत्पादों को आकार देना और आकर्षक रंग संयोजन की जानकारी दी जा रही है।
– 30 प्रतिभागी सीख रहे हस्तकला
कार्यशाला में ग्राम जामठी एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग 30 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। 15 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को हस्तशिल्प निर्माण की बारीकियां सिखाई जाएंगी, ताकि वे भविष्य में इसे आय के साधन के रूप में विकसित कर सकें।
– सरपंच बोले- बाजार में बढ़ रही मांग
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम जामठी के सरपंच पुन्नू राम वाडिवा उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पेपरमेशी एक पर्यावरण अनुकूल कला है और इससे तैयार उत्पादों की बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। ऐसी कार्यशालाएं ग्रामीणों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।




