नियमित साधना से जीवन में आते हैं सकारात्मक परिवर्तन: नित्या किशोरी शर्मा।
देवी महापुराण के चतुर्थ दिवस सृष्टि उत्पत्ति का हुआ वर्णन। देवी नित्या किशोरी शर्मा ने नौ देवियों के दिव्य स्वरूप का किया विस्तार से बखान।

बैतूल। आठनेर स्थित विकास नगर में शिव मंदिर के सामने चल रही देवी महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर वृंदावन से पधारी कथावाचिका नित्या किशोरी शर्मा ने श्रद्धालुओं को देवी महिमा का रसपान कराया। कथा में उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति, नौ देवियों के स्वरूप और मां के दिव्य स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया।

कथा के दौरान नित्या किशोरी शर्मा ने कहा कि मंत्र साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि नियमित साधना से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
उन्होंने कथा में यह भी बताया कि जिन व्यक्तियों की अकाल मृत्यु पानी में डूबने, सर्पदंश या फांसी लगाने से होती है, उन्हें सहज मुक्ति नहीं मिलती। ऐसे दिवंगत आत्माओं की शांति और मुक्ति के लिए भागवत कथा का आयोजन कराया जाना आवश्यक माना गया है।
कथा आयोजन में महिला मंडल ग्रुप कान्हा की मुरली की सदस्यों दीपा साहू, कविता पांडे, लक्ष्मी पटैया, मनीषा सोनी, कंचन मालवी, गीता कदम, रिंकी पानकर, रिंकी सूर्यवंशी, मोहिनी मालवी, सुशीला गलफट, मंदा खाड़े, सुनीता डोंगरे और रीना आजाद ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





