एमआरपी निर्धारण कानून बनाने की मांग।

ग्राहक पंचायत ने सांसद दुर्गादास उइके को सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की जिला इकाई ने बैतूल-हरदा संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को एमआरपी नीति में सुधार को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की कि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) मांग आधारित नहीं बल्कि लागत आधारित तय करने के लिए वैज्ञानिक और प्रभावी कानून बनाया जाए।

ग्राहक पंचायत ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में उत्पादों पर एमआरपी निर्धारण के लिए कोई वैज्ञानिक और स्पष्ट कानून नहीं है। इसके कारण उत्पादक कंपनियां मनमाने तरीके से अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संगठन ने विशेष रूप से दवाइयों और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में मूल्य असमानता पर चिंता जताते हुए कहा कि एक ही उत्पाद अलग-अलग कीमतों पर बिक रहा है, जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बन रही है।

ज्ञापन में कहा गया कि कंपनियों द्वारा तय की जा रही मनमानी कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। ग्राहक पंचायत ने केंद्र सरकार से एमआरपी नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाकर बाजार व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की कीमतों में पारदर्शिता लाने की जरूरत भी बताई।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष मनीष धोटे, जिला सचिव ठाकुर जगदीश प्रसाद राघव, महिला आयाम प्रमुख नीलम दुबे, पर्यावरण जिला सह प्रमुख दिनेश लिखितकर, जिला उपाध्यक्ष संजय चौहान, अर्पित दीक्षित, अनिल दुबे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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