घायल हिरण को लेकर 27 किमी दौड़ी दिनेश पंवार की ऑटो एम्बुलेंस।

शिकारी कुत्तों को पत्थर मारकर भगाया, फिर पहुंचाया मुलताई पशु चिकित्सालय।

बैतूल। न सिर्फ सडक़ हादसों में घायलों के लिए अपितु वन्य प्राणियों के लिए भी ऑटो एम्बुलेंस मददगार साबित हो रही है। सोमवार को कुत्तों के हमले से घायल एक हिरण को मुलताई के ऑटो एम्बुलेंस चालक ने 27 किमी दूर पशु चिकित्सालय पहुंचाया। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की अध्यक्ष गौरी पदम एवं मुलताई संयोजक दीपेश बोथरा के समन्वय से पशु चिकित्सालय में डॉक्टर एवं फारेस्ट की टीम भी शाम 6.45 बजे पहुंची लेकिन हास्पीटल पहुंचते ही हिरण ने दम तोड़ दिया।

कुत्तों को पत्थर मारकर भगाया

ऑटो एम्बुलेंस चालक दिनेश पंवार ने बताया कि वह आरटीओ कार्यालय बैतूल फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए आए थे। वापसी में वह दो सवारी को लेकर मुलताई जा रहे थे, इसी दौरान सापना घाट पर एक हिरण को उन्होंने कुत्तों से डरकर भागते देखा। आधा दर्जन कुत्ते हिरण का पीछा कर रहे थे, हमले से हिरण गंभीर रुप से घायल हो गया था। दिनेश पंवार सहित दोनों सवारियों ने भी कुत्तो को पत्थर मारकर भगाया और हिरण को मेन सडक़ से दूर खेत से गोद में उठाकर ऑटो तक लाया। यहां से हिरण को 27 किमी दूर मुलताई लाते वक्त कुछ लोगों ने ऑटो में हिरण को देखकर उन्हें रोक लिया। करीब आधे घंटे तक बहस हुई। इस दौरान ऑटो एम्बुलेंस योजना संचालक गौरी पदम ने दक्षिण वन मंडल के डीएफओ, आरटीओ अनुराग शुक्ला एवं पशु चिकित्सा एवं सेवाएं के उप संचालक डॉ सुरजीत सिंह से सम्पर्क किया।

आधे घंटे की देरी, नहीं बच पाई जान

अस्पताल में डॉक्टर थे, फारेस्ट की टीम भी मौके पर थी, लेकिन बीच रास्ते में यदि ऑटो एम्बुलेंस को आधे घंटे तक नहीं रोका जाता तो संभवत: हिरण की जान बच जाती। पशु चिकित्सालय से हिरण के शव को फारेस्ट टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। गौरतलब है कि पहले भी ऑटो एम्बुलेंस चालक वन्य प्राणियों के लिए मददगार बनी है। ऑटो एम्बुलेंस के माध्यम से हिरण, बंदर और गौवंश की भी जान बची है। श्री पंवार द्वारा ऑटो में सवारी होने के बावजूद जोखिम उठाते हुए हिरण की जान बचाने के पूरे प्रयास किए। बैतूल संास्कृतिक सेवा समिति एवं संयोजक दीपेश बोथरा ने श्री पंवार के इस कार्य की सराहना की है। श्री पंवार ने कहा कि भलाई की सप्लाई के लिए वे हमेशा तत्पर है।

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