पीएम आवासों पर अचानक ब्रेक, नोटिसों की बौछार से दहशत में हितग्राही।

निर्मित और निर्माणाधीन मकानों पर संकट, मजदूर परिवारों ने प्रशासन से मांगा न्याय।

बैतूल। आमला तहसील क्षेत्र के ग्राम हरन्या में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने और बन रहे मकानों पर अचानक कार्रवाई की आहट से गरीब परिवारों में दहशत फैल गई है।

बार-बार मिल रहे नोटिसों से परेशान हितग्राहियों ने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए अपने आशियाने बचाने की मांग की है। दर्जनों प्रभावित परिवारों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। हितग्राहियों का कहना है कि वे सभी नियमों के तहत आवास निर्माण कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है।

– नियमानुसार मिली जमीन, फिर भी कार्रवाई से नाराजगी

आवेदन में हितग्राहियों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर आबादी भूमि नियमानुसार उपलब्ध कराई गई थी। संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जियो-ट्रैकिंग भी की गई और उसी आधार पर किश्तों का भुगतान किया गया। इन प्रक्रियाओं के बाद ही उन्होंने अपने आवास निर्माण का कार्य शुरू किया। हितग्राहियों का कहना है कि प्रशासन की निगरानी में ही यह पूरा निर्माण कार्य आगे बढ़ा, ऐसे में अब अचानक रोक की स्थिति समझ से परे है।

– कुछ मकान पूर्ण, कुछ प्लिंथ स्तर तक पहुंचे

हितग्राहियों के अनुसार वर्ष 2016-17 से लेकर 2024-25 के बीच स्वीकृत इन आवासों में कई मकान पूरी तरह बन चुके हैं, जबकि कुछ निर्माणाधीन हैं और प्लिंथ स्तर तक पहुंच चुके हैं। इन परिवारों ने अपनी सीमित आय और मजदूरी से बचत कर निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की है। अब नोटिसों के चलते उनके सामने असमंजस की स्थिति बन गई है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

– बार-बार नोटिस से बढ़ी मानसिक परेशानी

प्रभावित लोगों ने बताया कि आमला तहसील कार्यालय की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े ये परिवार रोजाना मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक दबाव उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है। हितग्राहियों का कहना है कि यदि निर्माण पर रोक लगाई जाती है तो उनकी वर्षों की मेहनत और आशाएं दोनों प्रभावित होंगी।

– शिकायतकर्ता के आधार पर कार्रवाई का आरोप

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांव के एक व्यक्ति दिनेश यदुवंशी की शिकायत के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद बिना पूरी जांच के नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे निर्दोष परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

ज्ञापन देने वालों में आवेदन में रेखा बाई हीरा साहू, इंदिरा यदुवंशी, लता यदुवंशी, कमला, सुषमा, संगीता, दुर्गा और सरिता सहित अन्य हितग्राहियों के नाम शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताई है, ताकि उनके सिर पर छत का सपना अधूरा न रह जाए।

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