तेज आंधी-तूफान से आम की फसल चौपट।
45 कट्टियां लेकर मंडी पहुंचे किसान, व्यापारियों ने किया इंकार। बेहतर पैदावार के बावजूद लाखों का नुकसान।

बैतूल। तेज आंधी और तूफान ने किसानों की आम की फसल पूरी तरह बर्बाद कर दी। 2 मई का दिन किसानों के लिए भारी नुकसान का दिन बन गया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे। खेतों में लहलहा रहे आम के पेड़ों पर लगे फल किसानों की उम्मीदों को बढ़ा रहे थे, लेकिन करीब एक घंटे तक चले तूफान ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
ग्राम बांसपानी के किसान शिवराज धुर्वे ने बताया कि इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार थी और उन्हें करीब एक लाख रुपए की आमदनी की उम्मीद थी। उन्होंने चौसर, आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा और कलमी जैसी अच्छी किस्मों के आम के पौधे लगाए थे, जिनसे हर साल अच्छा मुनाफा मिलता रहा है।
लेकिन अचानक आए तूफान से पेड़ों पर लगे सभी आम टूटकर जमीन पर गिर गए। गिरे हुए आमों को बोरियों में भरकर वे बैतूल मंडी पहुंचे, जहां वे 45 कट्टियां लेकर आए थे, लेकिन व्यापारियों ने आम खरीदने से इंकार कर दिया। इससे निराश होकर किसान ने सभी कट्टियां फेंक दीं और घर लौट गए।
किसान ने इस नुकसान को लगभग एक लाख रुपए बताया है। फलों पर आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद भी सरकार की ओर से मुआवजे के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं होने से किसान खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।




