भगवान बुद्ध ने मानव कल्याण के लिए वैज्ञानिक और समतामूलक धम्म का मार्ग दिया: भंते दीपांकर।
सम्यक बुद्ध विहार में त्रिशरण और पंचशील के साथ मनाई त्रिगुणी बुद्ध पूर्णिमा।

बैतूल। त्रिगुणी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भीम नगर बडोरा स्थित सम्यक बुद्ध विहार में दि बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा पूज्य भंते दीपांकर के सानिध्य में बुद्ध वंदना, त्रिशरण एवं पंचशील का वाचन कराया गया। उपस्थित धम्म अनुयायियों ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शांति, बंधुत्व और प्रेम की मंगलकामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत परम् पूज्य डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए की गई तथा राष्ट्रीय संरक्षक महाउपासिका मीरा ताई अंबेडकर के धम्म कार्यों का स्मरण किया गया। इस दौरान विवाह के लिए जा रहे दुल्हे ने भी बुद्ध विहार पहुंचकर भगवान बुद्ध के चरणों में नमन किया, जिनका भारतीय बौद्ध महासभा के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले ने धम्म पट्टी पहनाकर स्वागत किया।
धम्म देशना में भंते दीपांकर ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मानव कल्याण के लिए वैज्ञानिक और समतामूलक धम्म का मार्ग दिया है, जिसे अपनाकर ही समाज में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बुद्ध का मार्ग ही सच्चा शांति का मार्ग है।
समारोह में काशीनाथ वाघमारे, प्रेमलाल अंबुलकर, दुर्गादास चौकीकर, एमपी मासतकर, जसवंती चौकीकर, गीता नागले, प्रमिला पाटिल, सीताराम पाटिल, देवेंद्र नागले, श्याम पाटिल, अजाबराव नागले सहित बड़ी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे। अंत में खीर का प्रसाद वितरण किया गया।




