ग्राम कोटवार की नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन का आरोप।
आवेदक ने कलेक्टर से की शिकायत, नियुक्ति पर रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।

बैतूल। आठनेर तहसील के ग्राम रेणुका खापा में ग्राम कोटवार की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आवेदक मयंक पिता गोविंदराव कोसे ने कलेक्टर बैतूल से शिकायत कर नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग और राजनीतिक हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने और वर्तमान नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है।
आवेदक मयंक कोसे ने बताया कि उन्होंने ग्राम कोटवार पद के लिए 15 जनवरी 2024 को तहसीलदार आठनेर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। ग्राम पंचायत वाकुड और जनपद पंचायत आठनेर द्वारा ग्राम सभा का प्रस्ताव भी जारी किया गया था। इसके बाद उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भैंसदेही के समक्ष अपील की, जिस पर एसडीएम ने पूर्व तहसीलदार को नियमानुसार इश्तेहार जारी कर पुनः नियुक्ति प्रक्रिया करने के निर्देश दिए थे।
आवेदक के अनुसार इसके बाद तहसील आठनेर में पुनः प्रकरण दर्ज हुआ, जिसमें उनके सहित कृष्णराव पिता श्यामराव कोसे, मीना पति सुरेश और पंजाबराव पिता श्यामराव ने आवेदन किया था। आरोप है कि तहसीलदार ने जनपद सदस्य के दबाव और उनके पत्र के आधार पर नियमों के विरुद्ध केवल कृष्णराव कोसे को लाभ पहुंचाते हुए ग्राम कोटवार पद पर नियुक्ति कर दी।
मयंक कोसे का कहना है कि यह नियुक्ति आपसी सांठगांठ और द्वेष भावना के चलते की गई है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है। उन्होंने तहसीलदार पर यह भी आरोप लगाया कि वे मुख्यालय पर निवास नहीं करतीं और शासकीय संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए बैतूल से आठनेर आना-जाना करती हैं तथा समय पर कार्यालय नहीं पहुंचतीं, जिसकी जांच की जानी चाहिए।
शिकायत में कहा गया है कि तहसीलदार द्वारा पारित आदेश राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रेरित है, इसलिए एक स्वतंत्र दल बनाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही वर्तमान ग्राम कोटवार नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है।




