गुरु अवतरण दिवस पर सेवा की मिसाल बनी परंपरा/
16 वर्षों से लगातार 100 किलो पोहा-जलेबी का वितरण..

बैतूल। आठनेर में 21 अप्रैल को गुरु अवतरण दिवस पर सेवा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां साधक परिवार ने अपने सद्गुरुदेव डॉ. नारायण दत्त श्रीमाली के अवतरण दिवस को सेवा परंपरा के रूप में जीवंत बनाए रखा। पिछले लगातार 16 वर्षों से आठनेर बस स्टैंड पर यात्रियों और राहगीरों को 100 किलो पोहा और 100 किलो जलेबी वितरित कर यह आयोजन श्रद्धा का प्रतीक बना है, समाज में सेवा भाव का संदेश भी दे रहा है।
इस परंपरा की विशेषता यह है कि बीते 16-17 वर्षों से बिना किसी रुकावट के हर वर्ष इसी दिन स्वल्पाहार वितरण किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से लोगों को सद्गुरु के विचारों से जोड़ने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संदेश भी दिया जाता है। 21 अप्रैल को यह आयोजन क्षेत्र में एक यादगार दिन के रूप में स्थापित हो चुका है।
इस सेवा कार्य में मनोहर जीतपूरे, नेकराम राठौर, दिलीप कुमरे, शैलेंद्र गायकवाड, नारायण दातीर, बबलू प्रजापति, सुधाकर नागले, निखिल सोनी, सुरेंद्र राठौर, मनोज तुमाने, राजेंद्र पाटणकर, देवेंद्र, अजय गायकवाड, नरेंद्र राठौड़ और गुड्डू सोनी सहित अनेक सहयोगियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।




