बिना नोटिस वाहन जब्त कर बेचने का आरोप, युवक ने एसपी से की शिकायत।
किस्तें जमा होने के बावजूद कार्रवाई का दावा।

बैतूल। जिले में पिछले कुछ समय से फाइनेंस कंपनियों और रिकवरी एजेंटों के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में हाल ही में ग्राम कटकुही से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां आवेदक ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी ने बिना किसी नोटिस के उसका वाहन जब्त कर लिया और बाद में किसी अन्य को बेच भी दिया, जबकि वाहन अब भी आरटीओ बैतूल में आवेदक के नाम पर दर्ज है।
आवेदक अंकित यादव, निवासी ग्राम कटकुही ने एसपी बैतूल को दिए आवेदन में बताया कि उसने जनवरी 2025 में बोलेरो वाहन फायनेंस के माध्यम से खरीदी थी। कुछ समय तक नियमित किस्त जमा करने के बाद आर्थिक कारणों से वह समय पर भुगतान नहीं कर पाया, हालांकि बाद में उसने किस्तें जमा भी कीं। इसके बावजूद कलेक्शन एजेंट द्वारा बिना पूर्व सूचना के वाहन को भोपाल में बीच सड़क से जब्त कर लिया गया।
आवेदक का आरोप है कि न तो उसे किसी प्रकार का नोटिस दिया गया और न ही वाहन जब्ती की जानकारी दी गई। बाद में पूछताछ करने पर उसे बताया गया कि वाहन को बेच दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को आवेदक ने धोखाधड़ी करार देते हुए कहा है कि जब वाहन आरटीओ में अब भी उसके नाम पर दर्ज है, तो भविष्य में किसी दुर्घटना की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है।
आवेदक ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना से उसे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक रूप से भी प्रताड़ित होना पड़ा है। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और उसका वाहन वापस दिलाने की मांग की है।
आवेदन में आवेदक ने बडोरा स्थित फायनेंस कंपनी के मैनेजर सौरभ और कलेक्शन एजेंट कुलदीप पर बिना नोटिस वाहन जब्त कर बेच देने का आरोप लगाया है। आवेदक का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बिना सूचना और नियमों के विपरीत की गई, जबकि वाहन अब भी आरटीओ में उसके नाम पर दर्ज है।




