आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने मानदेय बढ़ाने की उठाई मांग ।
केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष मीरा खातरकर ने बताया कि ज्ञापन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की समस्याओं और मांगों के संबंध में दिया गया है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख विनय डोंगरे और जिलामंत्री पंजाबराव गायकवाड भी उपस्थित रहे। जिले भर से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं भी मौके पर मौजूद थीं।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्ष 1975 से जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर नियंत्रण, पल्स पोलियो अभियान, टीबी, निमोनिया, खांसी और कोरोना काल जैसे कठिन समय में भी अपनी और अपने परिवार की चिंता किए बिना सेवाएं दी हैं। इसके अलावा एसआईआर, बीएलओ सहित अन्य शासकीय कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा मात्र 4500 रुपए मानदेय दिए जाने पर नाराजगी जताई गई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान समय में यह राशि परिवार के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त नहीं है, जबकि वे प्रथम पंक्ति में रहकर समाज और देश की सेवा कर रही हैं।
संघ ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नियमित कर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए, ताकि वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकें। ज्ञापन में इस मांग पर मानवीय और व्यवहारिक आधार पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।




