मुलताई से अमरकंटक तक पहुंचा ताप्ती सरोवर का जल।
समानांतर बहने वाली नदियों के बीच जुड़ा आस्था का सेतु।

बैतूल। पहली बार देश-दुनिया में दो पवित्र नदियों के उद्गम स्थलों के जल का परस्पर समर्पण किया गया। मुलताई के मुलतापी ताप्ती सरोवर का जल अमरकंटक स्थित नर्मदा कुण्ड में अर्पित किया गया, वहीं अमरकंटक से लाया गया नर्मदा जल मुलताई में ताप्ती सरोवर में समर्पित किया गया।
यह विशेष पहल इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) के अमरकंटक में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुई। बैतूल जिले के वरिष्ठ पत्रकार और मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर दयाराम पंवार अपनी धर्मपत्नी के साथ मुलताई से ताप्ती जल लेकर अमरकंटक पहुंचे, जहां उन्होंने नर्मदा कुण्ड में विधिवत पूजन कर जल समर्पित किया।
सम्मेलन के समापन के बाद डॉ. पंवार नर्मदा कुण्ड से जल लेकर मुलताई पहुंचे और ताप्ती सरोवर में मां ताप्ती को समर्पित किया। इस प्रकार दोनों नदियों के उद्गम स्थलों के बीच जल का आदान-प्रदान कर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा और ताप्ती देश की ऐसी नदियां हैं जो समानांतर दिशा में पूर्व से पश्चिम की ओर बहती हैं और मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र तथा गुजरात से गुजरते हुए अरब सागर में मिलती हैं। दोनों नदियों के बीच की दूरी अलग-अलग स्थानों पर लगभग 20 से 100 किलोमीटर के बीच रहती है।




