श्री विनायकम् स्पोर्ट्स अकादमी से छात्रों के सर्वांगीण विकास की नई शुरुआत।
25 वर्षों की उल्लेखनीय उपलब्धियों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास की यात्रा । अत्यधिक मोबाइल स्क्रीन-टाइम से दूर कर स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाने किया प्रयास।

बैतूल। विगत 25 वर्षों की उल्लेखनीय उपलब्धियों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास की यात्रा के बीच श्री विनायकम स्कूल ने अपने सिल्वर जुबली सत्र पर विद्यार्थियों को बड़ा उपहार देते हुए श्री विनायकम् स्पोर्ट्स अकादमी का भव्य शुभारंभ कर दिया है। यह पहल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है, जिसमें शिक्षा के साथ खेलों को समान महत्व देने की स्पष्ट सोच दिखाई देती है।

विद्यालय द्वारा स्थापित यह स्पोर्ट्स अकादमी एक सुविचारित और प्रभावी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य छात्रों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस को मजबूत करना, खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें जिला, संभागीय, राज्य, राष्ट्रीय, एसजीएफआई और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रशिक्षित करना, अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा बच्चों को अत्यधिक मोबाइल स्क्रीन-टाइम से दूर कर स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाना है।
उद्घाटन अवसर पर विनायकम स्कूल के डायरेक्टर संजय राठौर ने कहा कि यह अकादमी विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और खेलों में नई ऊंचाइयों को हासिल करने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय का लक्ष्य है कि यहां के विद्यार्थी जिला और प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में भी खेलों का प्रतिनिधित्व करें।
स्पोर्ट्स अकादमी की विशेषताओं में अनुभवी और प्रमाणित कोच द्वारा नियमित प्रशिक्षण, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, रग्बी, बेसबाल, सॉफ्टबॉल, कराटे और ताईक्वांडो सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं, व्यक्तिगत क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण मॉडल, प्रत्येक विद्यार्थी के लिए विशेष अभ्यास कार्यक्रम और नियमित फिटनेस व हेल्थ मॉनिटरिंग शामिल हैं। इसके साथ ही फिटनेस चार्ट, प्रोग्रेस ट्रैकिंग और हेल्थ अवेयरनेस सेशन भी संचालित किए जाएंगे।
अभिभावकों ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि इससे बच्चों को ऐसा मंच मिलेगा, जहां शिक्षा के साथ खेलों को भी बराबरी का महत्व मिलेगा और उनमें आत्मविश्वास, ऊर्जा व अनुशासन का विकास होगा। विद्यार्थियों में भी इस घोषणा के बाद उत्साह देखा गया। कई छात्रों ने कहा कि अब उन्हें स्क्रीन-टाइम कम कर खेलों में ध्यान लगाने और जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा, यह अकादमी उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित होगी।
सिल्वर जुबली सत्र पर शुरू हुई यह अकादमी विद्यालय के 25 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तार है, जिसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और नैतिक मूल्यों में अपनी अलग पहचान बनाई है।




