मेंढा डैम कंपनी के प्लांट के पास करंट से दुधारू गाय की मौत, 1 साल बाद भी मुआवजा नहीं, किसान ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी।

बैतूल। भैंसदेही तहसील के ग्राम मेंढा में लगभग छह माह पहले मेंढा डैम निर्माण कार्य कर रही कंपनी के प्लांट के पास अर्थिंग के तार में करंट आने से एक किसान की दुधारू गाय की मौत हो गई थी। किसान का आरोप है कि कंपनी ने 60 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया था, लेकिन 1 साल बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे नाराज किसान ने चार दिन में पैसे नहीं मिलने पर डैम का काम रुकवाने और कलेक्टर कार्यालय में भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

ग्राम मेंढा निवासी बिरजू पिता मंगल भूसुमकर ने मेंढा डैम निर्माण कम्पनी करन डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायत करते हुए बताया कि वह अपनी गाय को खेत से घर लेकर आ रहे थे। रास्ते में मेंढा डैम निर्माण कंपनी का प्लांट स्थित है, जहां कंपनी द्वारा अर्थिंग का तार रास्ते के किनारे गाड़ा गया था और उसमें करंट आ गया था।

बिरजू पिता मंगल भूसुमकर के अनुसार जैसे ही उनकी गाय उस स्थान से निकली, उसे करंट लग गया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। जिस रास्ते पर यह घटना हुई वह मुरमिकरण रोड है, जो कंपनी के प्लांट से पश्चिम दिशा की ओर स्थित है और लगभग 10 से 12 किसानों के आने-जाने का प्रमुख रास्ता है।

उन्होंने बताया कि मृत गाय दुधारू नस्ल की थी, जिसका रंग सफेद था और उसकी कीमत लगभग 60 हजार रुपये है। घटना के बाद जब उन्होंने कंपनी के लोगों से इसकी रिपोर्ट करने की बात कही तो कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें थाना नहीं जाने की सलाह देते हुए अगले दिन 60 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया।

किसान का आरोप है कि दूसरे दिन जब वह पैसे लेने के लिए कंपनी के पास पहुंचे तो वहां के लोगों ने पैसे देने से इनकार कर दिया और दादागिरी के साथ बात करने लगे। इसके बाद लगभग 1 साल से कंपनी द्वारा उन्हें लगातार टालमटोल किया जा रहा है और हर बार अगले दिन पैसे देने की बात कही जाती है।

बिरजू ने प्रशासन को दिए आवेदन में मांग की है कि चार दिन के भीतर उनकी गाय की कीमत के 60 हजार रुपये उनके बैंक खाते में जमा कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर मेंढा डैम का काम स्थगित कराएंगे और कलेक्टर कार्यालय में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। साथ ही प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें गाय की कीमत दिलाने की मांग की है।

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