श्री विनायकम स्कूल में कक्षा 3 से 8 तक का अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न।

बैतूल। सीबीएसई से मान्यता प्राप्त जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान श्री विनायकम स्कूल में कक्षा 3 से 8 के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफल रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की शिक्षा–दृष्टि, शिक्षण कार्यप्रणाली और विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास के प्रयासों से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत पालकों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण करने के साथ की गई। इसके बाद विद्यालय प्राचार्य श्याम साहू द्वारा इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम को प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने विद्यालय की 24 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा, सत्र 2025-26 की उपलब्धियों तथा संस्था के मूल लक्ष्य—विद्यार्थी का समग्र, संतुलित और मूल्य आधारित विकास पर विस्तृत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्राचार्य द्वारा बताया गया कि विद्यार्थी की सफलता पालक, शिक्षक और स्वयं छात्र, इन तीनों के सहयोगपूर्ण संबंध पर आधारित होती है।
विद्यालय द्वारा नियमित संवाद, निरंतर मूल्यांकन और मार्गदर्शन को अभिभावकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
– नर्सरी से 12वीं तक विद्यार्थी की विकास यात्रा
सत्र में विद्यार्थियों की सीखने की पूर्ण यात्रा को सरल रूप में समझाया गया। नर्सरी में मूल कौशल निर्माण,

माध्यमिक कक्षाओं में शैक्षणिक मज़बूती और अनुशासन, सीनियर सेकेंडरी स्तर पर करियर–उन्मुख शिक्षा एवं मार्गदर्शन। इस तरह से श्री विनायकम स्कूल में विद्यार्थियों को प्रभावी शिक्षण दिया जाता है।
– फाइनल परीक्षा 2026 की तैयारी पर दिया मार्गदर्शन
अभिभावकों को बताया गया कि परीक्षा की तैयारी के लिए समय–प्रबंधन, नियमित अभ्यास, योजनाबद्ध अध्ययन और अध्याय आधारित रिविज़न अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि विद्यार्थियों को हर स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण पैरेंट ओरिएंटेशन कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि विद्यार्थियों की सफलता के लिए समय पर सोना–उठना, गृहकार्य समय पर पूरा करना, डिजिटल उपकरणों का संयमित उपयोग और नियमित अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
– रचनात्मक और प्रेरणादायी साबित होगा नया सत्र
अंत में श्री विनायकम स्कूल के डायरेक्टर संजय राठौर ने कार्यक्रम में उपस्थित पालकों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि आगामी सत्र 2026–27 को विद्यालय के रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस नए सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने एवं उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई नवीन व प्रभावी पहलें शामिल की जाएगी।
अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा आयोजित इस उपयोगी कार्यक्रम की सराहना की और इसे पालक व विद्यालय के मध्य संबंध को मजबूत करने वाला कदम बताया।
विद्यालय परिवार ने यह विश्वास व्यक्त किया कि रजत जयंती वर्ष 2026–27 विद्यार्थियों के लिए और भी अधिक प्रगतिशील, रचनात्मक और प्रेरणादायी साबित होगा।




