श्रद्धालुओं ने भंडारे में ग्रहण की प्रसादी, एलईडी स्क्रीन पर देखा भारत-पाक मुकाबला,सुनील गुड्डू शर्मा और रक्कू शर्मा की देखरेख में 17वें वर्ष भी जारी श्रद्धालुओं की नि:स्वार्थ सेवा

भोपाली महादेव और पचमढ़ी जाने वाले भक्तों के लिए दिन-रात सेवा में जुटी शिवम सेवा समिति

बैतूल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कमानी गेट स्थित न्यू बैतूल स्कूल ग्राउंड में शिवम सेवा समिति का 17वां विशाल भंडारा आस्था, सेवा और उत्साह का केंद्र बना हुआ है। 15 फरवरी को भंडारा स्थल पर भोजन प्रसादी ग्रहण करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने एलईडी स्क्रीन पर भारत-पाकिस्तान टी-20 मुकाबले का सीधा प्रसारण भी देखा और धार्मिक आयोजन के बीच खेल रोमांच का आनंद लिया।
समिति द्वारा विशेष व्यवस्था करते हुए बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई, जिस पर भारत-पाकिस्तान टी-20 मुकाबला दिखाया गया। प्रसादी ग्रहण कर रहे श्रद्धालु एक साथ बैठकर मुकाबला देखते रहे। भंडारा स्थल पर उत्साह और अनुशासन दोनों का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भंडारा स्थल पर उमड़ी। हजारों शिवभक्तों ने भरपेट भोजन प्रसादी ग्रहण कर भोपाली महादेव के दर्शन के लिए प्रस्थान किया। समिति के सदस्य पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा में जुटे रहे और मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को विशेष आग्रह कर प्रसादी ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करते रहे।
– आज 16 फरवरी को भी जारी रहेगा भंडारा
समिति द्वारा 16 फरवरी को भी रात्रि तक भंडारा जारी रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि पचमढ़ी और भोपाली महादेव से लौटने वाले भक्तों को भी भोजन प्रसादी मिल सके। विगत 16 वर्षों से निरंतर चल रही यह सेवा 17वें वर्ष में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जारी है।
समिति के सुनील गुड्डू शर्मा पूरी व्यवस्था की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। वे दो दिनों से लगातार भंडारा स्थल पर उपस्थित रहकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी भक्त भूखा न जाए और सभी को सम्मानपूर्वक भोजन प्रसादी मिले। सुनील गुड्डू शर्मा श्रद्धालुओं के साथ-साथ भंडारा स्थल पर पहुंचने वाले गणमान्य नागरिकों की भी आत्मीयता से सेवा कर रहे हैं। रक्कू शर्मा और पूरी टीम के साथ वे प्रसादी वितरण में स्वयं आगे रहकर सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। समिति की टीम ने सेवा और समर्पण के माध्यम से यह संदेश दिया है कि सच्ची भक्ति मानव सेवा में ही निहित है, जो महाकाल की विशेष कृपा से ही संभव हो पाती है।

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