संकट के समय जो साथ नहीं, वह जनता के जनादेश के काबिल नहीं: कमलेश यादव

शीतलझीरी बांध और प्रूफ रेंज विस्तार से 22 गांव संकट में, भाजपा विधायक पर फूटा जनता का गुस्सा

बैतूल। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों बड़ा संकट खड़ा हो गया है। शीतलझीरी बांध और प्रूफ रेंज विस्तार परियोजना के चलते 22 गांवों पर विस्थापन की तलवार लटक रही है। हजारों लोग अपने घर-आंगन और खेत-खलिहान से उजड़ने की कगार पर खड़े हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस गंभीर मुद्दे पर क्षेत्र की विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके अब तक एक बार भी प्रभावित गांवों में नहीं पहुंचीं और न ही जनता से संवाद करने का प्रयास किया है।

इस चुप्पी और अनुपस्थिति पर क्षेत्रीय समाजसेवी और जननेता कमलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब जनता का घर उजड़ रहा है, तब विधायक का दरवाजा बंद क्यों है। संकट के समय जो साथ नहीं, वह जनता के जनादेश के काबिल नहीं। यादव लगातार गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और बांध व प्रूफ रेंज विस्तार के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

कमलेश यादव ने सरकार और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विकास के नाम पर विनाश कर रही है। विधायक इस अन्याय पर मौन साधे बैठी हैं और भाजपा को यह चुप्पी आने वाले चुनाव में महंगी पड़ेगी।

वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भी साफ दिखाई दे रहा है। गांववासियों का कहना है कि चुनाव के समय हर गली में आने वाली विधायक आज उनकी सुध लेने तक नहीं आ रही हैं। लोगों का कहना है कि वोट मांगते वक्त नेताओं को जनता याद आती है, लेकिन संकट की घड़ी में वे कहीं नजर नहीं आते। गांवों में फैलती नाराजगी और भाजपा व विधायक के प्रति असंतोष अब इस रूप में सामने आ रहा है कि जनता को लगने लगा है कि सिर्फ चुनावी नेताओं पर भरोसा करना उनकी सबसे बड़ी भूल थी।

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