मूंग तुलाई को लेकर हुए विवाद में शिकायत से पीछे हटे किसान, माफीनामा देकर वापस ली शिकायत


बैतूल। पाढर स्थित श्री दादा जी साईं वेयरहाउस में मूंग तुलाई को लेकर सामने आए विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। ग्राम कटकुई थाना चिचोली निवासी मनोज परते ने जिला नोटरी बैतूल के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर अपनी पूर्व शिकायत को निराधार बताया है और उसे वापस ले लिया है।
शपथपत्र में मनोज परते ने बताया कि वह 16 जुलाई को दोपहर 12 बजे मूंग नपवाने पाढर वेयरहाउस पहुंचा था। सर्वेयर द्वारा मूंग की नमी 11.2 प्रतिशत पाई गई। मूंग साफ-सुथरी बताने पर उससे ढेर लगाने को कहा गया। ढेर लगाने के बाद मूंग में बारिक रेव व कांडरी पाई गई, जिसके चलते छन्ना लगाने की बात कही गई। उस दिन अन्य किसानों की फसल पर भी छन्ना लगाया जा रहा था और शाम तक उसका नंबर नहीं आया, जिस कारण तुलाई अगली सुबह की गई।
17 जुलाई को जब फिर से मूंग की नमी मापी गई, तो वह 13.7 प्रतिशत पाई गई। उसे मूंग फैलाकर हल्की हवा में सुखाने का सुझाव दिया गया। बाद में मूंग तुलाई मापदंड के अनुरूप कर दी गई। इस प्रक्रिया में मूंग में कचरा, मिट्टी व डस्ट लगभग 70 से 75 किलो निकली जिसे उसने बोरी में भरकर वहीं रख दिया।
– मूंग की मात्रा में कमी आने पर आवेश में कर दी शिकायत
किसान ने बताया कि छन्ना लगाने से मूंग की मात्रा में कमी आई, जिससे उसे नुकसान हुआ और इसी आवेश में उसने जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत कर दी। बाद में एक दोस्त द्वारा यह बताया गया कि बिल बनवाने के लिए ऑपरेटर द्वारा 5 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इसी आधार पर विडियो बनाकर शिकायत की गई, जबकि ऑपरेटर का नाम तक उसे ज्ञात नहीं था।
शपथपत्र में किसान ने स्पष्ट किया कि मनीष आर्य की मौजूदगी में ही उसका बिल बनाया गया और ऑपरेटर द्वारा उससे किसी भी प्रकार की पैसे की मांग नहीं की गई। उसने यह भी स्वीकारा कि वेयरहाउस संचालक द्वारा छोटे किसानों को प्राथमिकता देकर पहले माल नपवाया गया।अंत में किसान मनोज परते ने कहा कि जो शिकायत उसने की थी, वह आवेश व ग़लतफहमी में की गई थी और अब वह उसे पूर्णतः वापस लेता है। साथ ही किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं चाहता। उसने अपने इस आचरण पर खेद भी जताया है।।शपथपत्र में किसान ने कंडिका 1 से 7 तक के सभी कथनों को सत्य बताते हुए हस्ताक्षर कर प्रमाणित किया है।




