Introduction to Psychology: मनोविज्ञान पढ़कर बिगड़े रिश्ते भी सुधर सकते हैं: डॉ.शैलेंद्र प्रताप
जेएच कॉलेज में मनोविज्ञान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

कार्यशाला में छात्रों ने सीखी उपयोगी तकनीकें
भगवान बुद्ध को बताया विश्व का सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक
बैतूल। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जयवंती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल में मनोविज्ञान विभाग द्वारा बीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए मनोविज्ञान का परिचय एवं दैनिक जीवन में उपयोग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ मीनाक्षी चौबे के संरक्षण में एवं मनोविज्ञान विभाग प्रभारी डॉ सुखदेव डोंगरे के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैहर के मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ शैलेंद्र प्रताप उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रुप डिस्कशन, प्रश्नोत्तरी, परिचर्चा तकनीक, मोबाइल व एआई कंप्यूटर के माध्यम से मनोविज्ञान के प्रैक्टिकल करने की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनोविज्ञान के माध्यम से व्यक्ति अपने संबंधों में सुधार ला सकता है और परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थी मनोविज्ञान पढ़कर डॉक्टर, काउंसलर, साइकोलॉजिस्ट या साइकेट्रिक सलाहकार बन सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान डॉ सुखदेव डोंगरे ने कहा कि अरस्तु के अनुसार भगवान बुद्ध विश्व के सबसे बड़े मनोवैज्ञानिक माने जाते हैं। विद्यार्थियों ने मनोविज्ञान से संबंधित अनेक जिज्ञासा भरे प्रश्न पूछे, जिनका समाधान डॉ शैलेंद्र प्रताप ने सहजता से दिया।
प्रो. शंकर सातनकर ने छात्रों को मनोविज्ञान से संबंधित करियर विकल्पों की जानकारी दी, वहीं डॉ शीतल खरे ने कहा कि मनोविज्ञान विषय अत्यंत रुचिकर और दैनिक जीवन में अत्यधिक उपयोगी है। उन्होंने कार्यशाला का संचालन भी किया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन प्रोफेसर शंकर सातनकर ने किया। कार्यशाला को सफल बनाने में प्राणी शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ बीडी नागले और टेक्नीशियन शैलेंद्र वाईकर का विशेष योगदान रहा।





