जिला परामर्श दात्री समिति की बैठक में उठा अनुकंपा नियुक्ति और वेतन भुगतान का मुद्दा
बैठक में अधिकारी कर्मचारियों ने कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया

बैतूल। जिला कलेक्टर कार्यालय में 20 जून को जिला परामर्श दात्री समिति की बैठक अपर कलेक्टर राजीव रंजन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कर्मचारी और अधिकारियों की कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संगठन अजाक्स के जिला अध्यक्ष छत्रपाल सिंह मर्सकोले ने बैठक में कई बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही। साथ ही, नवनियुक्त कर्मचारियों को दिए जा रहे न्यूनतम वेतन की व्यवस्था समाप्त कर पूर्ण वेतन दिए जाने की मांग रखी।
मर्सकोले ने बताया कि कई सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी विगत पांच वर्षों से अपने लंबित प्रकरणों को लेकर कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनका निराकरण नहीं हो सका है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से इन प्रकरणों का तत्काल समाधान करने की मांग की।
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग बैतूल के छात्रावास और आश्रमों में पदस्थ अंशकालीन और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की वेतन समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही। बताया गया कि इन कर्मचारियों को पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक संकट में हैं। पूर्व में उन्होंने वेतन को लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया था, फिर भी समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। बैठक में मांग की गई कि इन कर्मचारियों को तत्काल वेतन भुगतान किया जाए और महंगाई दर के अनुरूप मानदेय बढ़ाया जाए।
अजाक्स अध्यक्ष ने यह भी मांग रखी कि अनुकंपा नियुक्ति के अंतर्गत कार्यरत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद सीपीसीटी परीक्षा से शासन स्तर पर छूट दी जाए।
बैठक में प्राथमिक शिक्षकों की समस्याएं भी सामने आईं। बताया गया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कई शिक्षकों के क्रमोन्नति के एरियर का भुगतान रोका जा रहा है, जिसे तत्काल जारी किया जाए। साथ ही, 12 एवं 24 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ अब तक नहीं मिला है, इस पर भी जिलाधिकारी से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। जनजातीय कार्य विभाग में उच्च पद प्रभार की कार्यवाही भी लंबित बताई गई। कहा गया कि शिक्षकों को इसके लाभ से वंचित रखा जा रहा है, जबकि प्रक्रिया तत्काल पूरी की जानी चाहिए।
बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से छत्रपाल सिंह मर्सकोले अजाक्स जिलाध्यक्ष, दिलीप गीते जिला अध्यक्ष शिक्षक संघ, सचिन राय जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी संघ, एम.एल. चिल्हाटे जिला अध्यक्ष सहायक पशु चिकित्सा विभाग, सोहन राठौर अध्यक्ष मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस संघ, संजय व्यास मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी की उपस्थिति में अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विचार करने का आश्वासन दिया।




