Shramdaan done in Rabardaya river: जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राबड़या नदी में किया श्रमदान
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में समितियों की रही संयुक्त भागीदारी

असरकारी बने जल गंगा संवर्धन अभियान: मधु चौहान
जल की बूंद बूंद बचाने का है यह अभियान: गोवर्धन राने
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राबड़या नदी में किया श्रमदान
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में समितियों की रही संयुक्त भागीदारी
बैतूल। जल संरक्षण के उद्देश्य से आठनेर विकासखंड में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राबड़या नदी पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में किया गया, जिसमें युवा आस्था सेवा समिति हिवरा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कोयलारी की संयुक्त भागीदारी रही।

श्रमदान कार्यक्रम से पहले जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हिवरा गांव से रैली निकाली गई। यह रैली राबड़या जोड़ तक पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां सभी ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए नदी की सफाई की। नदी में उगी बेशरम झाड़ियां और अन्य अवांछित वनस्पतियों को काटकर नदी का गहरीकरण किया गया, जिससे जल संग्रहण की क्षमता बढ़ सके।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को केवल सरकारी योजना मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह हम सबका अभियान है और इसमें सबकी सक्रिय भागीदारी जरूरी है। हमें इसे असरकारी बनाना होगा ताकि जल संकट से बचा जा सके।
– वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजना है

नवांकुर संस्था युवा आस्था सेवा समिति के अध्यक्ष गोवर्धन राने ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजना है। उन्होंने कहा कि अगर हम सब मिलकर प्रयास करें तो गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रोक सकते हैं। आने वाले समय में जल संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी के साथ सतत प्रयास जरूरी हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से ग्राम कोयलारी से देवेन्द्र राने, जीवतुलाल इवने, नंजू सिंह उईके, दुर्गादास पाटणकर, धर्मेंद्र पाटनकर, आकाश दवांडे, फुलचंद उइके, ग्राम पांडोल से सतीश उइके, अरुण उइके, परामर्शदाता आशुतोष सिंह चौहान, दिनेश साकरे, रूपाली पांसे, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के छात्र उमेश कासदेकर, अशोक उइके, चंदन उइके, सुभीता, गनिता, रवीना, सुरेश इवने, राधिका बारपेटे, दीवाली पातुलकर, निकिता पंडाग्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा जल संरक्षण की शपथ लेकर किया गया। इस अभियान में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में जल के प्रति नई चेतना जागृत होती दिखी।





