Tapti Conservation Reserve: वन परिक्षेत्र ताप्ती, चिचोली और तावड़ी को मिलाकर बनेगा ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व

वन क्षेत्र में इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, ग्रामीणों को मिलेगा आजीविका का नया जरिया


बैतूल। जिले के वन वृत्त बैतूल अन्तर्गत वन परिक्षेत्र ताप्ती, चिचोली और तावड़ी को मिलाकर ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व बनाने की पहल की गई है। ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व बनने से ग्रामीणों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और इको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 29 मार्च को महुपानी स्थित निरीक्षण कुटी में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व बनने से ग्रामीणों को अपने ही गांव के पास रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिजर्व बनने से किसी का विस्थापन नहीं होगा, क्योंकि इसमें केवल जंगल क्षेत्र शामिल होगा, गांव और ग्रामीणों के अधिकार यथावत रहेंगे।
इस कार्यशाला में ताप्ती, चिचोली और तावड़ी क्षेत्र के करीब 180 ग्रामीण शामिल हुए। मुख्य वन संरक्षक बैतूल, बासु कनौजिया ने कहा कि ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व में स्थानीय समुदाय के सभी परंपरागत अधिकार जैसे महुआ बीनना, तेंदूपत्ता संग्रहण और जलाऊ लकड़ी लाना पूर्ववत रहेंगे। इसके साथ ही, इको टूरिज्म बढ़ने से लोगों को टूरिस्ट गाइड, सफारी ड्राइवर, होम स्टे संचालन, ढाबा खोलने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यशाला का आयोजन वनमंडलाधिकारी दक्षिण विजयानन्तम टी.आर. द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि रिजर्व बनने के बाद भी ग्रामीणों के जंगल पर अधिकार बने रहेंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे ने कहा कि ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व से बाहर जाकर काम करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब गांव के पास ही रोजगार के अवसर सुलभ होंगे। इस अवसर पर वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वनमंडलाधिकारी विजयानन्तम टी.आर. द्वारा किया गया।

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