CBSE school holds parent conference: भारत भारती सीबीएसई विद्यालय में हुआ अभिभावक सम्मेलन
विद्यार्थियों को मिलें शैक्षिक संसाधन: जितेंद्र परसाई

प्राचीन गुरूकुलों से लेकर आधुनिक शिक्षालयों तक शिक्षा की पद्धति का बताया महत्व
बैतूल। भारत भारती आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा की तैयारियों का आंकलन, अवलोकन कराने की दृष्टि से विद्यालय द्वारा अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय में पढ़ने वाले 200 से अधिक विद्यार्थियों के अभिभावक सम्मिलित हुए और अपने पाल्य की वार्षिक परीक्षा की तैयारियों और भारत भारती सीबीएसई आवासीय विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास आदि का भ्रमण किया, और अपने विचार व सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और वन्दना के साथ किया गया। मंच पर अतिथियों में विद्यालय के प्राचार्य जितेन्द्र परसाई, प्रधानाचार्य वैभव जोशी, छात्रावास अधीक्षक मुकेश दवंडे, प्राइवेट आइटीआई भारत भारती के प्राचार्य विकास विस्वास उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षण प्रभारी देवेन्द्र बेले ने अपने प्रस्ताविक भाषण में विद्यालय की शैक्षिक व सहशैक्षिक गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराया, विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारियों, परीक्षा को ध्यान मे रखते हुए चलने वाली विशेष कक्षाओं, शिक्षकों द्वारा किए जा रहे विशेष प्रयासों व मूल्यांकन के बारे में बताया।
अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित किशोर इरपाचे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत भारती विद्यालय में अध्ययन कर चुके विद्यार्थी आज समाज का नेतृत्व करते हुए महाविद्यालय में प्रोफेसर, एक सफल कृषक बनकर, पुलिस विभाग आदि में समाज को अपनी सेवायें दे रहे हैं। इन्होंने कहा कि हम ऐसे नागरिकों का निर्माण करें जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकें। जिसमें एक महत्वपूर्ण निर्णय है आदर्श विद्यालय का चयन। मैं अपने बालक को यहां प्रवेश दिलाकर चिन्तामुक्त हो गया हूँ। श्री इरपाचे ने शिक्षा के साथ संस्कारों की आवश्यकता के विषय में भी अपने विचार रखे।
विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र परसाई ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के गुणोत्तर विकास पर अभिभावकों से विस्तार से चर्चा की। श्री परसाई ने प्राचीन गुरूकुलों से लेकर आधुनिक शिक्षालयों तक शिक्षा की पद्धति और इसका महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अभिभावक सम्मेलन जैसे आयोजनों से अभिभावकों से सीधा संवाद संभव हो पाता है। इस चर्चा से आपके बहुमूल्य सुझाव हमें व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर करने में सहायक होते हैं। सर्वतोन्मुखी शिक्षा का वर्तमान समय में महत्व बढ़ गया है। अब विद्यालयीन शिक्षा के साथ व्यवसायिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी जीवन में बहुत आवश्यक है।
समय के अभाव के कारण माता-पिता बच्चों को समय नहीं दे पाते। परिणामत: विद्यालयों की जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं। एक आदर्श विद्यालय का अंतिम उद्देश्य बालक- बालिकाओं का चहुँमुखी विकास करते हुए समाज कल्याण के लिए उसे तैयार करना है। आवासीय विद्यालय में प्रात: से रात्रि तक की दिनचर्या, पारिवारिक परिवेश, स्नेहिल अनुशासन के द्वारा बालक के चरित्र को गढ़ा जाता है। ये सब आपके सहयोग के बिना संभव नहीं है। हमने शिक्षा को सरल और सुगम्य बनाने वाले विभिन्न शैक्षिक संसाधनों जैसे स्मार्ट क्लास, विज्ञान जैसे प्रायोगिक विषयों के प्रयोगों के लिए सुसज्जित लैब, गणित प्रयोगशाला, इंटरनेट की सहायता से इंटरएक्टिव बोर्ड पर शिक्षण आदि विशेषताओं व सुविधाओं को सम्मिलित किया है। हमारा प्रयास है कि शिक्षा को और सहज और रोचक बनाकर शिक्षा प्रसार कर सकें। श्री जितेंद्र परसाई ने अभिभावकों से आग्रह किया कि आप सभी अपने बच्चों को वार्षिक परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करें, लेकिन उन्हे उनकी क्षमताओं के आधार पर विकसित होने दें। अनावश्यक दबाव व विद्यार्थियों को तनाव देने से हमे अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। कार्यक्रम में सम्मिलित अन्य अभिभावकों ने भी इस अवसर पर अपने अभिमत और सुझाव रखे। कार्यक्रम का संचालन छात्र शुभ राय ने किया।





