संवेदनहीनता की हद: महिला शिक्षकों को 150 किमी दूर भेजा, न रहने की व्यवस्था, न सुरक्षा
शिक्षा विभाग के आदेश से शिक्षिकाएं नाराज, कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग

बैतूल। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा परीक्षा वर्ष 2025 के लिए हाई सेकेंडरी एवं हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षाएं 25 फरवरी से प्रातः 9 से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन बैतूल जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुशवाह एवं एडीपीसी सुबोध शर्मा द्वारा महिला शिक्षकों की ड्यूटी ऐसे परीक्षा केंद्रों में लगा दी गई है, जो उनके मुख्यालय से 100 से 150 किलोमीटर दूर हैं।
महिला शिक्षकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दूरस्थ परीक्षा केंद्रों में जाने के लिए न तो उचित परिवहन व्यवस्था है, न रहने-खाने की सुविधा। ऐसे में यह आदेश अनुचित है और शासन के नियमों के भी विरुद्ध है। महिलाओं के लिए यह बेहद असुविधाजनक स्थिति है, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिक्षिकाओं ने सवाल उठाया कि यदि किसी महिला के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन लेगा या व्यक्तिगत रूप से जिला शिक्षा अधिकारी और एडीपीसी जिम्मेदार होंगे?
इस आदेश से नाराज शिक्षिकाओं ने कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी से गुहार लगाई है कि इस अव्यवहारिक निर्णय को तत्काल निरस्त कर उनकी ड्यूटी उनके मुख्यालय के समीप ही लगाई जाए। शिक्षिकाओं का कहना है कि वे स्कूलों में बच्चों के हित में पूरी निष्ठा से कार्य कर रही हैं, लेकिन इस प्रकार की मनमानी के कारण वे मानसिक तनाव में आ गई हैं।




