Minister Durgadas Uikey: आदिवासी पारिवारिक मिलन समारोह व परिचय सम्मेलन के लिए मंत्री को दिया आमंत्रण
खेड़ला किला बने राष्ट्रीय धरोहर, ताप्ती मेगा डेम पर की चर्चा, प्रभावित गांवों को लेकर मंत्री का आश्वासन

बैतूल। केंद्रीय राज्य मंत्री जनजाति कार्य विभाग और सांसद दुर्गादास उइके से मुलाकात कर आदिवासी समाज संगठन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंग्रेजी नूतन वर्ष की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्हें 5 जनवरी को खेड़ला किला में होने वाले आदिवासी पारिवारिक मिलन समारोह और 12 जनवरी 2025 को आदिवासी सामुदायिक मंगल भवन बैतूल में आयोजित राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने मंत्री से कई प्रमुख सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की। आशापुर रोड के लेड़दा घाट के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर मंत्री ने कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारियों से बात की। जानकारी में आया कि रोड निर्माण के लिए फॉरेस्ट की अनुमति में गलती से राशि बैतूल के बजाय खंडवा फॉरेस्ट बीट में जमा हो गई, जिससे काम रुका हुआ है। मंत्री ने तत्काल अधिकारियों को इस गलती को सुधारने और कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
ताप्ती मेगा रिचार्ज डेम के विषय पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि डेम का कार्य आदिवासी गांवों के प्रभावित होने के कारण फिलहाल रुका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिना क्षेत्रीय विधायक और सांसद की अनुशंसा के कार्य प्रारंभ नहीं होगा। खेड़ला किले को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने और पर्यटक स्थल बनाने की मांग भी जोरशोर से उठाई गई। संगठन ने इसे हजारों लोगों के रोजगार का जरिया बताते हुए मंत्री से समर्थन मांगा। मंत्री ने इसे गंभीरता से लेने और प्रस्ताव तैयार करने का आश्वासन दिया।
संगठन ने आदिवासी समाज के देव स्थलों (पेनकड़ा) को संरक्षित करने की भी मांग रखी। मंत्री ने कहा कि देव स्थलों की जमीन के खसरा नंबर और पंचायत प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं, ताकि योजनाओं को स्वीकृत किया जा सके। इस अवसर पर आदिवासी समाज संगठन के जिला अध्यक्ष सुंदरलाल उइके, आकास संगठन के शंकर सिंह आहके, गोंडी गायक बसंत कवड़े, भूपेंद्र पन्द्राम, युआवि संगठन संस्थापक राजेश कुमार धुर्वे, युवा संगठन जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह इवने, जिला उपाध्यक्ष अविनाश धुर्वे, अंकित कुमरे, रामदास उइके, सुनील कवड़े, महेश भलावी, ईश्वर मरकाम और आशीष उइके सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।




