Betul news: साहित्य की दुनिया में फिर गूंजेगी रामकिशोर पवार रोंढ़ावाला की कलम की धार, जर्मनी तक पहुंची मेरा बेतूल, अब नदियों पर आधारित नई पुस्तक का प्रकाशन  

जर्मनी तक पहुंची मेरा बेतूल, अब नदियों पर आधारित नई पुस्तक का प्रकाशन

नई कृति में बैतूल के 200 साल और नदियों की कहानी  

बैतूल। जिले के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, साहित्यकार और कहानीकार रामकिशोर दयाराम पवार रोंढ़ावाला की लेखनी की धार से एक और महत्वपूर्ण पुस्तक का सृजन हुआ है, जिसका प्रकाशन जल्द ही होने जा रहा है। इससे पहले रामकिशोर पवार रोंढ़ावाला की लिखी कई पुस्तकें देश-विदेश में सराही जा चुकी हैं।

उनकी प्रसिद्ध पुस्तक मेरा बेतूल, जो बैतूल जिले के 200 वर्षों के इतिहास पर आधारित है, जर्मनी की टीम पाढर से लौटते वक्त अपने साथ लेकर गई थी। इस पुस्तक को अब तक हजारों पाठकों ने पढ़ा और सराहा है। गूगल, अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफार्म पर यह पुस्तक भारतीय प्रवासी और स्थानीय पाठकों द्वारा बड़े स्तर पर खरीदी गई है। उनकी नई पुस्तक जिले से बहने वाली प्रमुख नदियों पर केंद्रित है, जिसमें इन नदियों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व उजागर किया गया है। बैतूल की नदियों पर आधारित यह पुस्तक साहित्य प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक अनमोल उपहार साबित होगी। रामकिशोर पवार रोंढ़ावाला की रचनाएं साहित्य की गहराइयों को छूती हैं, साथ ही जिले की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित और प्रोत्साहित करती हैं। उनकी कलम की यह नई कृति बैतूल और नदियों की कहानी को एक नई पहचान देगी।

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