Blind Murder : जमीन के विवाद में मौसेरे भाई की 55 हजार रुपये देकर कराई हत्या, चाकू से गोदकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दी थी लाश

Blind Murder : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम उमरवानी में जमीन के विवाद में मौसेरे भाई की 55 हजार रुपये देकर हत्या कराकर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। पुलिस ने अंधे कत्ल की जांच करने के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम उमरवानी निवासी रतन पिता पूरन बरकड़े की गुमशुदगी 19 दिसंबर को उसकी बेटी ने दर्ज कराई थी। पुलिस को उसने बताया कि पिता खेत में फसल की सिंचाई करने के लिए पानी देने गए थे। वापस नहीं अाने पर तलाश की तो खेत में उनके जूते एवं खून के निशान पाए गए।

पुलिस ने जांच प्रारंभ की तो ग्राम खकरा कोयलारी के पास अप रेलवे लाइन पर अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला। स्वजन ने उसकी शिनाख्त गुम रतन बरकडे के रूप में की गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया जिसमें मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से चोट पाई गई। इसके बाद पुलिस ने धारा 140(1), 103(1), 238, 3(5) बीएनएस का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने संदेहियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हो गया। पूछताछ के दौरान गुलाब पिता मनकलाल बरकडे उम्र 30 वर्ष, निवासी मारुकढाना झाडकुण्ड ने स्वीकार किया कि उसका मौसेरे भाई मृतक रतन से जमीन को लेकर विवाद था। उसने अपने साडू भाई आकाश पिता जगन उईके 20 वर्ष निवासी फूलगोहान थाना रानीपुर के माध्यम से हत्या की साजिश रची। गुलाब और आकाश ने दूधावानी के कमलेश पिता भग्गू परते उम्र 25 वर्ष, निवासी दूधावानी थाना रानीपुर और छोटू उर्फ प्रकाश पिता जुगन मर्सकोले उम्र 21 वर्ष, निवासी दूधावानी थाना रानीपुर से 55000 रुपये में रतन की हत्या कराने का सौदा किया।
सभी ने गोपाल पिता नत्थु परते उम्र 25 वर्ष, निवासी मारुकढाना झाडकुण्ड के साथयोजना बनाकर 18 दिसंबर को शाम उमरवानी के कच्चे रास्ते पर बैठकर शराब पी। जैसे ही रतन खेत की ओर गया सभी आरोपियों ने उसे बुलाकर चाकू से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल से खकरा कोयलारी के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया ताकि मामला रेल दुर्घटना का प्रतीत हो सके।पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल, चाकू, खून से सने कपड़े और अन्य सामग्री जब्त कर न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में एसडीओपी शालिनी परस्ते, निरीक्षक रविकांत डेहरिया, निरीक्षक आबिद अंसारी, उनि दिनेश कुमरे, उनि राकेश सरेयाम, सउनि जगदीश प्रसाद नावरे, सउनि जगदीश रैकवार, प्रआर 238 कामता प्रसाद, आर. 56 नितिन चौहान, आर. 369 शिवकुमार उइके, आर. 102 दिनेश धुर्वे, आर. 347 विष्णु चौहान और साइबर सेल व एफएसएल टीम ने विशेष भूमिका निभाई।




