Betul news: पांच मवेशियों के शिकार से मची दहशत
चोपना के पूंजी गांव में टाईगर के मूव्हमेंट की आशंका

वन विभाग की टीम पगमार्क की कर रही है जांच-पड़ताल
बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे चोपना इलाके में एक साथ पांच मवेशियों का वन्य प्राणी द्वारा शिकार कर लिया है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है। पुनर्वास क्षेत्र चोपना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पूंजी में शिकार की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो टीम को पगमार्क भी मिलते हैं। टीम द्वारा इन पगमार्कों की जांच-पड़ताल कर रही है कि यह टाईगर के हैं या अथवा तेंदुआ के हैं या फिर किसी अन्य हिंसक वन्य प्राणी के हैं जिसके द्वारा यह शिकार किया गया है। हालांकि क्षेत्र के ग्रामीण इसे टाईगर के द्वारा ही शिकार करना बता रहे हैं। बहरहाल वन विभाग की टीम की जांच-पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंतत: मवेशियों का शिकार किस वन्य प्राणी ने किया है।
एक ही रात में पांच मवेशियों का हुआ शिकार
चोपना थाना क्षेत्र के पूँजी गांव में रविवार तडक़े गाँव के पास खेत में दिलीप विस्वास के 3 मवेशियों के मृत पाए जाने एवं उनके गले में जंगली जानवरों के दाँत के निशान दिखाई देने तथा आसपास के झाडिय़ों में ढूंढने पर 2 और मवेशी के शव मिलने से इलाके में दहशत व्याप्त हो गई है। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को शिकार किए जाने की सूचना दी है।
टाईगर जैसे मिले पगमार्क

सूचना देने पर वन विभाग की टीम ने भी मौके का मुआयना किया है। टीम को मौके से मवेशियों को घसीटते जाने के निशान के साथ-साथ टाइगर जैसे पगमार्क भी मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों का जमावड़ा ग्राम पंूजी में लग गया है। वन विभाग ने शिकार हुए मवेशियों के पास नाइट विजन कैमरे भी लगा दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अंतत: शिकार किस हिंसक वन्य प्राणी ने किया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को दी समझाईश
पांच मवेशियों का ग्राम पूंजी में शिकार होने के बाद ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहते हुए झाडिय़ों में नहीं जाने की समझाईश दी है। इसके साथ ही ग्रामीणों को शाम या रात के समय घर से नहीं निकलने का भी कहा है। मवेशियों के मालिक दिलीप विस्वास ने बताया कि वो अपने मवेशियों के साथ खेत में पानी देने के बाद रात को मवेशियों को खेत में बांध कर टप्पर में सो गए थे। जब सुबह उठ कर मंजर देखा तो तुरंत ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी उसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है। खबरवाणी ने एसडीओ अजय वाहने से चर्चा की तो उनका कहना है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है जैसी जानकारी मिलती है वैसे ही अवगत करा दी जाएगी। पशु पालक को मुआवजा भी दिया जाएगा।





