Betul news: नियमों का उल्लंघन कर बने जाति प्रमाण पत्रों की होगी जांच, लाभार्थियों को जारी हुए नोटिस

Betul news: बैतूल। जनजातीय कार्य विभाग और एसडीएम कार्यालय में नियम विरुद्ध बने अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाण पत्रों की जांच शुरू हो गई है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसटी प्रमाण पत्र लेकर आदिवासी योजनाओं का लाभ उठाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस संदर्भ में, शिकायतकर्ता सोहनलाल राठौर ने कई बार आवेदन और शिकायत दर्ज कराई, जिनमें अवैध प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की मांग की गई है।
प्रकरण में प्रमुख प्रमाण पत्र कमांक RS/447/0104/79852/2015, जो 1 अगस्त 2015 को जारी हुआ था, उसकी जांच कर निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में, सोहनलाल द्वारा आवेदन क्रमांक 1212, दिनांक 05 मार्च 2024 को जनसुनवाई में प्रस्तुत किया गया था, जिसकी जांच अनुविभागीय अधिकारी बैतूल द्वारा की जा रही है। राठौर की शिकायत में उल्लेख किया गया कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले लोग विभागीय प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इस मामले में, सीएम हेल्पलाइन पर भी 02 सितंबर 2023 को शिकायत संख्या 24063188 दर्ज की गई थी, जिसमें प्रमाण पत्र की वैधता और सही प्रक्रिया की जांच की मांग की गई। इस पर राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए। अधिकारियों द्वारा संदिग्ध लाभार्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेज, जाति, और निवास प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अनुविभागीय अधिकारी (रा) बैतूल ने संबंधित लोगों को पुनः नोटिस जारी कर स्पष्ट जवाब मांगा है। एक सप्ताह के भीतर पुराने राजस्व अभिलेखों, वर्ष 1950-51 के रेकॉर्ड की सत्यापित प्रतियां जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य एसटी जाति प्रमाण पत्रों के दुरुपयोग को रोकना और केवल असली आदिवासी लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।




