Brainstorming on the problems of secretaries: जनपद पंचायत के सभागार में सचिवों की समस्याओं पर हुआ मंथन
ग्राम पंचायत सचिवों ने बताई पीड़ा, प्रशासनिक दबाव पर जताई नाराजगी

बैतूल। जनपद पंचायत चिचोली के सभागार में बुधवार, 6 नवंबर को मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत सचिव संगठन की ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। लंबे समय बाद हुई इस बैठक में सचिवों ने बढ़ती समस्याओं और प्रशासनिक दबावों पर गहरी चिंता जताई। बैठक का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से किया गया, जिसमें जिलाध्यक्ष लक्ष्मीचंद अमरुते, ब्लॉक अध्यक्ष विजय मालवीय, वरिष्ठ सचिव लखन बोरबन, रामाधार यादव और लक्ष्मन मवासे सहित अनेक सचिव शामिल हुए।
जिलाध्यक्ष लक्ष्मीचंद अमरुते ने सभी सचिवों को एकजुट रहकर कार्य करने की अपील की और कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी पंचायत में कार्य करवाते हैं, जिससे स्वयं की ग्राम पंचायतों के कार्य नहीं हो पाते। इससे सचिवों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है और कई सचिवों की इस कारण जान भी जा चुकी है। इसी समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत सचिव संगठन की यह बैठक आयोजित की गई।
ब्लॉक अध्यक्ष विजय मालवीय ने बैठक में बताया कि सचिवों की समस्याओं को लेकर जल्द ही जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को आवेदन दिया जाएगा। संतोष खाडे और राजेन्द्र शिवहरे ने कहा कि पंचायत स्तर का हर काम सचिवों पर ही छोड़ा जाता है और उन्हें अधिकारियों एवं राजनीतिक नेताओं के दबाव में काम करना पड़ता है, जिससे सचिवों में असंतोष है।
इस अवसर पर भवानी यादव, डुमचन्द खोबरे, गंगाराम टाटीसार, प्रशांत मंडल, संतोष शिवहरे, गन्नूसिंह, अश्विन उइके, पंकज मांझी, श्रीराम लोनारे, शिवप्रसाद यादव, सुंदरलाल विश्वकर्मा सहित ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवगण उपस्थित थे। सचिवों ने अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान की मांग उठाई और आगामी कार्रवाई पर चर्चा की।




