MP Budget: मध्यप्रदेश में शांति वाहन योजना शुरू, अस्पताल में मृत्यु होने पर शव घर ले जाने नही भटकेंगे परिजन

MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में शांति वाहन योजना प्रारंभ कर दी है। इस योजना से अस्पतालों में दुर्भाग्य वश मृत्यु पर शव घर ले जाने के लिए परिवार जन नहीं भटकेंगे। बुधवार को मध्यप्रदेश का बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसकी जानकारी दी। मध्य प्रदेश का तीन लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2023 –24 की तुलना में 2024– 25 का बजट 16 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय सहायता के तौर पर मध्य प्रदेश को 15000 करोड रुपए अधिक मिलेंगे। पूंजीगत में 29% वृद्धि हुई है।
आगामी 5 वर्षों में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के माध्यम से अटल प्रगति पथ नर्मदा प्रगति पथ विंध्य एक्सप्रेसवे मालवा निर्माण एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड विकास पथ मध्य भारत विकास पथ के कार्य किए जाएंगे इन मार्गों के दोनों और औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाएंगे सहस्त्र 2028 के लिए उज्जैन शहर में बाईपास तथा शहर में सभी मार्गों को फोरलेन 8 लेन की प्रक्रिया प्रस्तावित है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2000 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है सड़क एवं पुल के निर्माण व संधारण के लिए बजट 10000 करोड रुपए प्रस्तावित किया गया है।
पेयजल व्यवस्था के लिए 10279 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।प्रदेश में अभी तक 70 लाख 860293 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को औसतन प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जाएगी प्रदेश में 26 जनवरी 2024 को सर्वाधिक 17614 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई वर्ष 2024 25 में ऊर्जा क्षेत्र के लिए 19406 करोड रुपए का प्रावधान किया है जो 2023 24 की तुलना में 1046 करोड़ रुपये अधिक है।अब तक 65 लाख हेक्टेयर और 2028 29 तक एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र को संचित करने का लक्ष्य रखा गया है पार्वती काली सिंध चंबल नदी लिंक परियोजना निर्माण की सैद्धांतिक सहमति बनाई गई है इससे प्रदेश के 10 जिलों में चार लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी और पेयजल मिलेगा सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड रुपए का बजट रखा गया है केन बेतवा लिंक परियोजना और के लिए भी प्रावधान किए गए हैं 133 वृहद एवं मध्यम सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन है। इन परियोजना के पूरे होने पर 48 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी।

कृषि क्षेत्र के लिए 66 हजार 605 करोड़ रुपये का प्रावधान

राज्य में  मिलेट मिशन मोटे अनाज को प्रोत्साहित करने के लिए लागू किया गया है ।कोदो कुटकी पर प्रति किलोग्राम ₹10 की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। डिंडोरी में श्री अन्न अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा ।मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है। उज्जैन में चना और ग्वालियर में सरसों अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी। अनुसूचित जाति जनजाति के एक हेक्टेयर तक के भूमि धारकों को 5 हॉर्स पावर तक के विद्युत पंप पर निशुल्क विद्युत आपूर्ति होगी। अटल कृषि ज्योति योजना अंतर्गत 10 हॉर्स पावर तक के किसानों को ऊर्जा प्रभार में सब्सिडी दी जा रही है इसके लिए 11065 करोड रुपए का प्रावधान रखा है ।
मुख्यमंत्री कृषि कल्याण योजना में 4900 करोड रुपए रखे गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजना से 42 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं ।गेहूं पर 125 रुपए प्रति कुंतल बोनस देने के लिए 1000 करोड रुपए का प्रावधान किया है। प्राकृतिक आपदा से होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए 2000 करोड रुपए रखे गए हैं। फसल विविधीकरण योजना के लिए 20 करोड रुपए का प्रावधान किया है। 0% पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 600 करोड रुपए का प्रावधान रखा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है जो आगे भी जारी रहेगा । प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना मैं शामिल होने से वंचित हितग्राहियों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार की योजना के लिए 520 करोड रुपए रखे गए हैं ।किसानों को 23 हजार करोड रुपए के फसल ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रामीण विकास

ग्रामीण विकास के लिए 27870 करोड रुपए का बजट रखा गया है । जल गंगा संवर्धन अभियान जैसी गतिविधियां संचालित की जाएगी ।स्वच्छ भारत मिशन योजना के लिए 500 करोड रुपए रखे गए हैं ।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 300 करोड रुपए का प्रावधान किया है । मध्यान्ह भोजन 1400 करोड रुपए का प्रावधान किया है ।रसोइयों का मानदेय ₹400 प्रति माह से बढ़कर 3400 किया गया है। मनरेगा के लिए 3500 करोड रुपए रखे गए हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड रुपए का प्रावधान किया है ।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1800 और इन सड़कों के नवीनीकरण के लिए 900 करोड रुपए ,प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4000 करोड रुपए का प्रावधान रखा गया।

नगरीय विकास

नगरीय क्षेत्रों में जन भागीदारी के माध्यम से दो संरचना विकास के लिए मुख्यमंत्री जन सहभागिता निर्माण योजना तथा प्रदेश के शहरी क्षेत्र में नागरिकों के स्वास्थ्य जीवन यापन के लिए नगर वनीकरण योजना लागू की जाएगी। 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ मेला आयोजित होगा इसके लिए 10 जिलों में आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने के लिए 500 करोड रुपए रखे गए हैं। उज्जैन तथा जबलपुर शहर को आगामी तीन वर्ष में केंद्र सरकार से 270 करोड रुपए मिलेंगे। शहरों के मास्टर प्लान की सड़कों के लिए 250 करोड रुपए का प्रावधान रखा गया है। कायाकल्प योजना के लिए नगरीय क्षेत्र में आदर्श संरचना निर्माण योजना के लिए 1100 करोड़, मुख्यमंत्री अधो संरचना विकास योजना के अंतर्गत 1700 करोड रुपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्रधानमंत्री की बस योजना अंतर्गत इंदौर भोपाल जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और सागर में 552 बसों का संचालन किया जाएगा। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल का संचालन शीघ्र प्रारंभ होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में सभी निकायों को सम्मिलित किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं जल प्रबंधन के लिए आगामी 5 वर्ष में 5000 करोड रुपए का निवेश होगा।

सातवां वेतनमान

शासकीय सेवकों के देव भक्तों का सातवें वेतनमान के परिपेक्ष में पुनरीक्षण के लिए समिति का प्रतिवेदन मिल गया है जिस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा शासकीय सेवकों के सामान्य भविष्य नीति के अंतिम भुगतान प्राधिकार पत्र जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जा रही है बजट में किसी तरह का कोई नया कर अधिरोपित नहीं करने वह कर नहीं बढ़ने का प्रस्ताव है

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