Panchas tendered collective resignation: उमरिया पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ पंचों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
सचिव और सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप, पंचायत भवन के सामने दिया धरना

बैतूल। आमला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों के बीच पंचों का गुस्सा फूट पड़ा है। पंचायत के उप सरपंच संदीप मालवीय के नेतृत्व में पंचायत भवन के सामने हमारे इस्तीफे स्वीकार करो के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समाजसेवी अलकेश ठाकुर ने बताया कि जनपद पंचायत से लेकर कलेक्टर, जिला पंचायत सहित हर स्तर पर शिकायत की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। सरपंच वामनसिंह कुशवाह और पंचायत सचिव राजकुमार जादौन द्वारा पंचायत के विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते पंचायत के सभी पंचों ने सामूहिक इस्तीफा देकर धरना प्रदर्शन किया है। इस्तीफा देने वालों में संदीप मालवीय उप सरपंच, पंच भोलाराम साहू, ईश्वर धुर्वे, रामकली मालवीय, सुनीता पहाडे, यमुना चौहान, कुलदीप साहू, पप्पू साहू, रणवीर चौहान शामिल है।
उमरिया पंचायत में सरपंच वामनसिंह कुशवाह और सचिव राजकुमार जादौन पर पंचायत की विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव ने पंचायत की मासिक बैठकों में योजनाओं और आहरित राशि से संबंधित कोई जानकारी साझा नहीं की। पंचायत भवन के नवीनीकरण कार्य और नागदेव मंदिर के मंच निर्माण में भी सामग्री की कमी और घटिया गुणवत्ता का आरोप है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतीक्षालय निर्माण भी अधूरा छोड़ दिया गया और पूरी राशि आहरित कर ली गई है।
सीसी रोड और नालियों के निर्माण में अनियमितताएं
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा निर्मित सीसी रोड और गंदे पानी की नालियों का काम भी सही तरीके से नहीं हुआ है। श्री हन्नूसिंह चौहान के खेत के पास परकुलेशन स्टॉप टैंक और पटिया डेम के निर्माण में भी अनियमितताएं देखने को मिली हैं। इसके अलावा, पंचायत द्वारा मुलताई रोड पर मोती वाले कुएं के पास बोरिंग और पाइपलाइन का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया, जिसमें 9.72 लाख रुपये की राशि का आहरण हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन अभी भी खुली पड़ी है।
रोजगार गारंटी योजना में फर्जी हाजिरी का आरोप
रोजगार गारंटी योजना में भी फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पंचायत में ऐसे लोगों की हाजिरी लगाई गई, जिन्होंने कभी काम ही नहीं किया, और उनके खातों में 50 हजार रुपये तक की राशि जमा कर दी गई है। युवराज पहाड़े के घर के पास सांस्कृतिक मंच का निर्माण विधायक निधि से होना था, लेकिन एक साल पहले ही 53,500 रुपये का आहरण कर लिया गया, जबकि काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
निष्पक्ष जांच की मांग
उप सरपंच संदीप मालवीय और पंचों का आरोप है कि सरपंच और सचिव पंचायत के विकास कार्यों में किसी प्रकार की जानकारी साझा नहीं करते और अपने मनमाने तरीके से कार्य करते हैं। सरपंच और सचिव की मनमानी और धमकियों से तंग आकर ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और नए सचिव की नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर बैतूल और जनपद पंचायत आमला को भी कई बार शिकायतें दी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि अगर समय पर उचित जांच नहीं की गई तो वे अपने संघर्ष को आगे बढ़ाते रहेंगे और न्याय के लिए हर संभव उपाय करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।




