Prakash Purba: गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा बैतूल में आज सजेगा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पूरब

Prakash Purba: बैतूल। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, बैतूल में आज, 4 सितंबर, बुधवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पूरब बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर अमृतमयी कीर्तन दीवान और गुरु का लंगर का आयोजन होगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह 4:45 बजे से प्रारंभ होगा, जब गुरु महाराज की सवारी का फूलों की वर्षा के साथ प्रकाश किया जाएगा।
सुबह 7 बजे तक विशेष कीर्तन दीवान का आयोजन होगा, जिसमें गुरु घर के वजीर भाई अरविंदर सिंह अपनी अमृतमयी बाणी से संगत को निहाल करेंगे। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक दूसरा विशेष कीर्तन दीवान होगा। कार्यक्रम के उपरांत, दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक गुरु का लंगर चलेगा, जिसमें समस्त संगत की सेवा की जाएगी।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरबजीत सिंह वालिया, उपाध्यक्ष जितेंद्र वालिया, सचिव मनप्रीत वालिया, कोषाध्यक्ष हरदीप सिंह बग्गा, और संरक्षक सुरेंद्र पाल पोपली ने सभी धर्म प्रेमियों को प्रकाश पूरब की बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इस दिन दरबार साहिब में गुरु अर्जन देव जी ने पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश किया था। इस पवित्र ग्रंथ के 1430 अंग (पन्ने) हैं और इसकी रचना गुरु अर्जन देव जी ने 1603 में भाई गुरदास से लिखवानी शुरू की थी, जो 1604 में संपन्न हुई। यह ग्रंथ आदि ग्रंथ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
गुरुद्वारा कमेटी के अनुसार, गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पर्व, समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश देता है। सिख समुदाय के लिए जीवंत गुरु के रूप में पूजनीय श्री गुरु ग्रंथ साहिब न केवल सिख धर्म के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए आदर्श और पथ प्रदर्शक हैं। इस पवित्र ग्रंथ में 6 गुरु साहिबानों के साथ-साथ समय-समय पर हुए भगतों, भट्टों और महापुरुषों की बाणी दर्ज है, जो आपसी सद्भाव, भाईचारे और मानवता का संदेश देती है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समस्त संगत से इस विशेष अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करने का अनुरोध किया है।




