Loss to farmers, demand for compensation: जनपद पंचायत की बैठक में सदस्यों ने उठाए किसानों के मुआवजे और शिक्षा की गुणवत्ता के मुद्दे

मक्के के बीज के खराब अंकुरण से किसानों को नुकसान, मुआवजे की मांग तेज


बैतूल। जनपद पंचायत आठनेर की सामान्य सभा की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। खासकर मक्के के बीज के खराब अंकुरण और किसानों को हुई भारी क्षति पर सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। जनपद सदस्य दीपक चौरे और गुलाबचंद सोलंकी ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर. डी. सिंगारे के कार्यकाल में वितरित किए गए बीज किसानों के लिए बेकार साबित हुए। बीज का प्रमाणीकरण भी नहीं करवाया गया था, जिससे सैकड़ों किसानों को भारी नुकसान हुआ। सभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि बीज प्रदायकर्ता और उत्पादन फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने की मांग की गई।
शिक्षा की गिरती गुणवत्ता पर भी जताई चिंता
बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए। जनपद सदस्य दीपक चौरे और गुलाबचंद सोलंकी ने कहा कि आठनेर विकासखंड में शासकीय स्कूलों की हालत दयनीय हो चुकी है, जिसके कारण निजी स्कूलों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
मध्यान्ह भोजन की खराब गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
गुलाबचंद सोलंकी ने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में निर्धारित राशि के अनुसार भोजन की गुणवत्ता सही नहीं है। इस संबंध में राज्य शासन से मध्यान्ह भोजन की दर बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी की जांच की मांग
मांडवी जोड़ से उमरी सातनेर रोड के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत भी बैठक में की गई। गुलाबचंद सोलंकी ने बताया कि ठेकेदार को 5 साल की मेंटेनेंस जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन काम अधूरा ही रह गया। इस मामले की जांच की मांग की गई।
असंतोषजनक कार्य के लिए सहायक यंत्री के स्थानांतरण का प्रस्ताव
बैठक में सहायक यंत्री संतोष डेहरिया के कार्य से जनप्रतिनिधियों ने असंतोष जताया। आरोप लगाए गए कि बिना लेन-देन के वह मनरेगा के बिलों पर हस्ताक्षर नहीं करते। जनपद पंचायत आठनेर से उनके स्थानांतरण का भी प्रस्ताव पारित हुआ। बैठक में पारित सभी प्रस्तावों का पालन करने और जनहित में सुधार करने की मांग की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button