allegation of fraud: आरबीएल फाइनेंस बैंक पर धोखाधड़ी का आरोप, भैंसदेही थाने में दर्ज हुई शिकायत

बैतूल। आरबीएल फाइनेंस बैंक के खिलाफ भैंसदेही थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। ग्राम लहारा के निवासी सुंदरलाल झाड़े ने बैंक पर उनके खाते से बिना जानकारी और अनुमति के 72,800 रुपये निकालने का आरोप लगाया है।

सुंदरलाल झाड़े, पिता जुगलकिशोर झाड़े, उम्र 46 वर्ष, ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने फरवरी में आरबीएल फाइनेंस बैंक से लोन लेने के लिए संपर्क किया था। उस समय बैंक ने उन्हें कोई लोन नहीं दिया था, लेकिन उनके दस्तावेज बैंक के पास जमा थे। इसके बाद सुंदरलाल ने कई बार बैंक से लोन की मांग की, लेकिन हर बार उनकी मांग को ठुकरा दिया गया।

— एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से मिला था लोन–

लोन न मिलने के बाद, सुंदरलाल ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में फाइल जमा कर 4 लाख रुपये का लोन प्राप्त किया, जो उन्होंने ट्रैक्टर खरीदने के लिए लिया था। परन्तु, आरबीएल फाइनेंस बैंक ने उनके खाते से 5 जुलाई 2024 को 72,800 रुपये निकाल लिए, जिससे वे एयू बैंक की पहली किस्त जमा नहीं कर पाए। जब सुंदरलाल ने आरबीएल फाइनेंस बैंक के कर्मचारियों, रितेश रावत और गिरवर नागर से बात की, तो उन्होंने राशि वापस करने से मना कर दिया। इस घटना के बाद, एयू फाइनेंस बैंक ने सुंदरलाल को सूचना दी कि उनकी पहली किस्त ड्यू हो चुकी है और इसके लिए चेक लगाया जाएगा। सुंदरलाल झाड़े ने भैंसदेही थाने में शिकायत दर्ज करवाई है और बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बैंक ने उनके साथ धोखाधड़ी की है और उनकी राशि बिना अनुमति के निकाली है।

— क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ–

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बैंक ने बिना ग्राहक की अनुमति के राशि निकाली है, तो यह एक गंभीर अपराध है। इस प्रकार की घटनाओं से बैंकिंग सिस्टम में ग्राहकों का विश्वास कमजोर होता है और आवश्यक है कि संबंधित बैंक कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ग्राहक सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना हर बैंक की जिम्मेदारी है।

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